Saturday, February 14, 2026
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पेसा नियमावली लागू करने की माँगों के समर्थन में हजारों ग्रामीण पहुँचे प्रखण्ड मुख्यालय

लातेहार : वन विभाग का आतंक पूरे हेरहंज प्रखण्ड इलाके के ग्रामीण आतंकित हैं l विभाग के अधिकारी पहले वन माफियाओं से मिलकर ईमारती लकड़ियों को चोरी छिपे तस्करी करवाते हैं l फिर वन भूमि का छीजन हो जाती है l तत्पश्चात वनरोपण के नाम पर ग्राम सभाओं को पूर्णत: दरकिनार करते हुए ऐसे घटिया किस्मों के वृक्षारोपण करते हैं, जिसका न हम ग्रामीणों के जीविकोपार्जन से कोई वास्ता नहीं होता l जब ग्रामीण इस तरह के योजनाओं का विरोध करते हैं तो विभागीय अधिकारी सरकारी काम में बाधा का आरोप लगाकर निर्दोष ग्रामीणों पर मुक़दमा दर्ज करते हैं l जहाँ वर्ष दर वर्ष न्यायालय के चक्कर में आर्थिक दोहन के शिकार होते हैं l ये बातें झारखण्ड ग्राम सभा जागरूकता यात्रा कार्यक्रम के स्वागत हेतु आयोजत जन सभा में बोल गया.

यात्रा के संयोजक सह सामाजिक कार्यकर्ता जेम्स हेरेंज ने कहा कि पेसा कानून के 27 सालों बाद भी पेसा नियमावली का अधिसूचित नहीं होना 5वीं अनुसूची इलाकों के साथ एक संवैधानिक अन्याय है l देश के 10 राज्यों में अनुसूचित इलाके के अंतर्गत आते हैं l इनमें से 8 राज्यों ने अपने राज्य का पेसा नियमावली अधिसूचित कर ग्राम सभाओं को संवैधानिक अधिकार सौंपे हैं l सिर्फ झारखण्ड और उड़ीसा दो ही ऐसे राज्य हैं जहाँ पेसा नियमावली को अधिसूचित नहीं किया गया है l इससे ग्राम सभाओं को प्रशासनिक कार्यों को संपन्न करने में कठिनाईयां पैदा होती रही हैं l झारखण्ड सरकार को चाहिए कि झारखण्ड स्थापना दिवस बिरसा मुण्डा जयंती के ऐतिहासिक मौके पर झारखण्ड के आदिवासियों को पेसा नियमावली के रूप में सौगात देने की घोषणा करनी चाहिए l यदि झारखण्ड सरकार ससमय पेसा नियमावली को अधिसूचित नहीं करती है तो तमाम आदिवासियों को आगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव में हेमंत सरकार को वोट देने के लिए गंभीरता से विचार करना होगा.

यहाँ हेरहंज पंचायत भवन में संपन्न जनसभा के पूर्व प्रखण्ड स्थित पडहा भवन से एक विशाल रैली निकाली गई l इस रैली में भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएँ और पुरुष शामिल होकर आक्रोशपूर्ण रैली निकाली गई l रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां लिए हुए थे जिनमें लिखा था, यहाँ स्थानीय हाई स्कूल से एक रैली निकाली गई जो प्रखण्ड परिसर पहुँचकर नुक्कड़ सभा में लोक सभा न विधान सभा ! सबसे ऊँची ग्राम सभा !! दुनिया वालो सुन लो आज ! हमारे गाँव में हमारा राज !! जल, जंगल और जमीन ! ये हो ग्राम सभा के अधीन !! पेसा नियमावली 2022 अधिसूचित करो ! अधिसूचित करो, अधिसूचित करो !! जल, जंगल जमीन की लूट ! नहीं किसी को इसकी छूट ! वनाधिकार कानून 2006 लागू करो !लागू करो, लागू करो !! लड़ेंगे ! जीतेंगे !! दुनिया के आदिवासी एक हों ! एक हों, एक हों !! एक तीर, एक कमान ! आदिवासी मूलवासी एक समान !! झारखंडियों की एक ही माँग ! पेसा नियमावली 2022 लागू करो आदि नारे लिखे हुए थे l

जन सभा को भारतीय सामुदायिक कार्यकर्त्ता मंच दिल्ली के प्रकाश कुमार, उत्तर प्रदेश के अरविन्द मूर्ति एवं हेरहंज पंचायत के उपमुखिया राजबली यादव ने भी संबोधित किया l

झारखण्ड ग्राम सभा जागरूकता यात्रा 2023 के जरिये हम महामहिम राज्यपाल, झारखण्ड सरकार एवं ग्राम सभाओं के समक्ष निम्न माँगे प्रस्तुत करते हैं:-
(1) राज्यपाल महोदय अपने संविधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जल्द से जल्द झारखण्ड पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली 2022 को अधिसूचित करे l
(2) झारखण्ड के सभी 5वीं अनुसूची क्षेत्र के 16781 से अधिक ग्राम सभायें प्रस्तावित ड्राफ्ट नियमावली में निहित प्रावधानों के आलोक में प्रशासन और नियंत्रण के दायित्वों का निर्वहन नियमित तरीके से संचालित करें l
(3) सभी ग्राम सभाओं का अपना ग्राम सभा सचिवालय हो, इस दिशा में सामूहिक पहल प्रारंभ कर दें.

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