झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर बीजेपी में दम है तो वह विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाए | राज्यपाल पर सवाल उठाते हुए पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि गवर्नर को 43 विधायकों के समर्थन का हस्ताक्षर युक्त पत्र दिया गया | हेमंत हिरासत में थे इसलिए उनके हस्ताक्षर नहीं हुए | सीता सोरेन बाहर थी, चमरा लिंडा बाहर थे, लोबिन हेंब्रम बाहर थे | ऐसे में सरकार के साथ 47 विधायकों का समर्थन साफ-साफ है | फिर भी बहुमत साबित करने की बात करना अपने आप में कई सवाल पैदा करता है |हालांकि सुप्रियो इसका जवाब नहीं दे पाए कि आखिर बहुमत से पहले इस तरह से अपने विधायकों के समर्थन की बात करना उनके किस मानसिक हालत की स्थिति को बताता है | क्या उन्हें कोई डर है, अगर बहुमत है तो फ्लोर पर साबित करें| गवर्नर ने तो सिर्फ इतना ही कहा है |