नई दिल्ली: देशभर में नवरात्रि और दुर्गा पूजा का उत्सव मनाया जा रहा था, लेकिन इसी बीच चार राज्यों से सामने आए भीषण हादसों ने खुशियों को मातम में बदल दिया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, मध्य प्रदेश के ग्वालियर, उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और तेलंगाना के हैदराबाद में हुई दुर्घटनाओं में कुल 37 लोगों की मौत और 78 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। इन हादसों ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हादसा
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महासप्तमी के दिन उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन पूजा पंडाल में बड़ा हादसा होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे भारी भीड़ के बीच मूसलाधार बारिश के दौरान पंडाल का एक हिस्सा ढह गया। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 19 श्रद्धालुओं की मौत होने और 25 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए जाने की जानकारी है।
ग्वालियर में बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित शीतला माता मंदिर के पास शनिवार और रविवार की दरमियानी रात भीषण सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, चीनौर रोड की ढलान पर एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर के प्रवेश द्वार की दीवार भी ढह गई।
इस हादसे में 14 श्रद्धालुओं की मौत और 35 लोगों के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने पुलिस और अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एक परिजन ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से घायल युवक को निजी अस्पताल ले जाने से रोका गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
बलरामपुर में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर कार का कहर
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के बेलहा (चरनगहिया) गांव में शनिवार रात करीब 11 बजे एक तेज रफ्तार कार ने कई ग्रामीणों को कुचल दिया। बताया गया कि आरती समाप्त होने के बाद कुछ लोग टेंट में बैठकर धार्मिक फिल्म देख रहे थे। इसी दौरान गौरा रोड की ओर से आ रही फोर्ड कार भीड़ में घुस गई।
हादसे में पाटेश्वरी प्रसाद (42), मनोज सिंह (51) और गणेश पांडेय (45) की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को बेहतर इलाज के लिए बहराइच रेफर किए जाने की जानकारी है। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया।
हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम के दौरान हादसा
तेलंगाना के नादेरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव के दौरान भी दर्दनाक हादसा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘संगमम’ फेस्ट के तहत डांडिया कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान तेज आंधी आने से रोशनी के लिए लगाया गया एक ऊंचा स्टैंड छात्राओं पर गिर गया।
हादसे में प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई, जबकि उनकी बहन मीना समेत 14 अन्य छात्र घायल हो गए। घटना पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और बीआरएस नेता केटी रामाराव ने दुख जताया। वहीं, बीजेपी नेताओं ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
चार राज्यों से सामने आई इन घटनाओं ने एक बार फिर बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को उजागर किया है। कहीं तेज रफ्तार वाहन हादसे की वजह बने, तो कहीं खराब मौसम और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। ऐसे आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, मजबूत संरचनाएं, आपातकालीन निकासी और त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था बेहद जरूरी है।
