दलीय आधार और EVM से चुनाव की मांग दोहराई; संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती की मांग
Highlights
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की प्रेस कॉन्फ्रेंस
- निकाय चुनाव में दलीय आधार और EVM की मांग
- केंद्रीय सुरक्षा बल और CCTV की तैनाती पर जोर
- पुलिस प्रशासन को “सरकार का टूल किट” न बनने की नसीहत
- 48 में से 40 निकायों का दौरा करने का दावा
- संवेदनशील बूथों की जानकारी चुनाव आयोग को सौंपने की बात
- पक्षपात होने पर सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी
विस्तार
रांची : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य में चल रहे निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से मतदान कराने की मांग करती रही, लेकिन सरकार ने इन मांगों को नजरअंदाज कर दिया।
EVM और दलीय आधार पर चुनाव की मांग
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा का मानना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए EVM से मतदान जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया।
केंद्रीय सुरक्षा बल और CCTV की मांग
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी की ओर से मतदान के दिन
- सभी बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती
- संवेदनशील केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाने
की मांग की गई थी, लेकिन उनकी जानकारी के अनुसार इन मांगों को भी अनदेखा कर दिया गया।
पुलिस प्रशासन को सख्त संदेश
आदित्य साहू ने पुलिस प्रशासन को सख्त लहजे में कहा कि वह सरकार का “टूल किट” न बने।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को सुरक्षित रखना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की भी जिम्मेदारी है।
40 निकायों का दौरा करने का दावा
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के 48 निकायों में से वे लगभग 40 निकायों का दौरा कर चुके हैं।उन्होंने दावा किया कि जनता कांग्रेस और राजद के सहयोग से चल रही झामुमो सरकार के खिलाफ अपना मन बना चुकी है।
चुनाव आयोग को सौंपी जानकारी
उन्होंने बताया कि भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला है और संवेदनशील बूथों की सूची साझा की है।
पार्टी को आशंका है कि कुछ मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है।
आंदोलन की चेतावनी
आदित्य साहू ने स्पष्ट कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस प्रशासन का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा तो भाजपा सड़क से सदन तक विरोध प्रदर्शन करेगी।
