रांची में संवाददाता सम्मेलन कर समाजसेवी ने रखा पक्ष, हाईकोर्ट के फैसले का किया जिक्र
Highlights
- रांची के आरोग्य भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस
- समाजसेवी भैरव सिंह ने रखा पक्ष
- पंडरा थाना क्षेत्र के मामले से जुड़ा विवाद
- प्रशासन ने लगाया था सीसीए एक्ट
- हाईकोर्ट ने हटाया सीसीए एक्ट
- मान-सम्मान की क्षति पर उठाए सवाल

विस्तार
राजधानी रांची के वनवासी कल्याण केंद्र स्थित आरोग्य भवन में समाजसेवी भैरव सिंह ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपने ऊपर लगाए गए सीसीए एक्ट के मामले को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया।
सामाजिक मुद्दे उठाने का किया दावा
भैरव सिंह ने कहा कि उन्होंने विगत दिनों सामाजिक एवं राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों को लेकर पंडरा थाना क्षेत्र में मुखरता से आवाज उठाई थी।इसी प्रकरण को लेकर प्रशासन द्वारा उन पर सीसीए (क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट/कंट्रोल ऑफ क्राइम एक्ट) लगाकर जेल भेज दिया गया था।
हाईकोर्ट ने हटाया सीसीए एक्ट
उन्होंने बताया कि पूरे मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने तथ्यात्मक पहलुओं की समीक्षा की, जिसके बाद उनके ऊपर लगाया गया सीसीए एक्ट हटा दिया गया।
परामर्श परिषद का नोटिस
भैरव सिंह के अनुसार, परामर्श परिषद ने भी झारखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं।
मान-सम्मान की क्षति पर सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि अब सवाल यह उठता है कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके मान-सम्मान को जो क्षति पहुंची है, उसका जिम्मेदार कौन होगा।उन्होंने कहा कि यह प्रश्न वे सार्वजनिक रूप से प्रशासन और सरकार के समक्ष उठा रहे हैं।
