धरना के बाद बनी सहमति-10 लाख मुआवजा, आश्रित को नौकरी और बेटी की शिक्षा की जिम्मेदारी
Highlights
- कांके के CIP में ड्यूटी के दौरान कर्मी की मौत
- पेड़ काटने के दौरान गिरने से हादसा
- आउटसोर्सिंग कर्मी था मृतक
- मुआवजे को लेकर संस्थान गेट पर धरना
- देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन में डटे रहे
- 10 लाख मुआवजा व नौकरी पर सहमति

विस्तार
रांच:केंद्रीय मनोचिकित्सा स्वास्थ्य संस्थान (CIP), कांके में ड्यूटी के दौरान हुई एक कर्मी की मौत के बाद मुआवजे को लेकर जोरदार आंदोलन छिड़ गया। मृतक की पहचान बिरसा कच्छप (32 वर्ष), निवासी चामा नगड़ी, कांके के रूप में हुई है।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
मृतक के पिता सोमरा कच्छप ने बताया कि बिरसा कच्छप संस्थान में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत थे और एम.एस. धनंजय कुमार आउटसोर्सिंग कंपनी के अधीन सेवा दे रहे थे।
रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे ड्यूटी के दौरान सुपरवाइजर द्वारा बिरसा कच्छप और उनके सहकर्मी सुखदेव उरांव को पेड़ काटने का कार्य सौंपा गया था।
पेड़ काटने के दौरान बिरसा अचानक पेड़ से गिर पड़े, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।सहकर्मी सुखदेव उरांव भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए।
पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव
घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया। पोस्टमार्टम के उपरांत पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया।
मुआवजे को लेकर धरना-प्रदर्शन
दुखद घटना के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो मृतक के परिजनों के साथ संस्थान के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।
उन्होंने संस्थान प्रबंधन और जिला प्रशासन से मृतक परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग की और आश्रित परिवार के साथ आंदोलन में डटे रहे।
घंटों चली वार्ता, बनी सहमति
कई घंटों तक संस्थान प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता चली।देर शाम डीएसपी की मौजूदगी में निम्न बिंदुओं पर सहमति बनी
- मृतक परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा
- आश्रित को उसी पद पर नियोजन (नौकरी)
- मृतक की पुत्री की आजीवन शिक्षा व्यवस्था
सहमति बनने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए विदा किया गया।
ये रहे आंदोलन में शामिल
धरना-प्रदर्शन में
- कांके विधायक सुरेश बैठा
- देवेंद्र नाथ महतो
- निशा भगत
- कमलेश राम
- जामील अख्तर (जिला परिषद प्रतिनिधि)
- फुलेश्वर बेठा
- गुना भगत
- संतोष साहू
सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
