साढ़े चार लाख से अधिक लोगों ने किया भ्रमण, फूलों की बहार और फव्वारों ने मोहा मन
Highlights
- रांची का लोकभवन उद्यान 8 फरवरी तक खुला
- 6 दिनों में 4.5 लाख से अधिक दर्शक पहुंचे
- गुलाबों की खास बहार, 30 हजार से अधिक पौधे
- ट्यूलिप सहित दुर्लभ फूल आकर्षण का केंद्र
- परिवार, बच्चे और युवा बड़ी संख्या में पहुंचे
- कृत्रिम झरने, फव्वारे और सांस्कृतिक कलाकृतियां खास आकर्षण

विस्तार
राजधानी रांची स्थित लोकभवन उद्यान इन दिनों आम लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। उद्यान 8 फरवरी तक आम जनता के लिए खुला है और यहां उमड़ रही भीड़ लोगों के उत्साह को साफ दर्शा रही है।पिछले छह दिनों में ही साढ़े चार लाख से अधिक लोग उद्यान का भ्रमण कर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले चुके हैं।
प्रवेश द्वार पर लंबी कतारें
उद्यान खुलते ही प्रवेश द्वार पर लंबी कतारें लग जा रही हैं।
सैकड़ों की संख्या में लोग
- परिवार के साथ
- दोस्तों के साथ
- बच्चों के साथ
यहां पहुंचकर घूमने और तस्वीरें लेने का आनंद उठा रहे हैं।
फूलों की बहार ने मोहा मन
इस बार लोकभवन उद्यान में फूलों की खास सजावट देखने को मिल रही है।
- 30 हजार से अधिक गुलाब के पौधे
- लाल, पीले और गुलाबी रंगों की बहार
- एक ही पौधे पर अलग-अलग रंगों के गुलाब
इसके अलावा सीजनल फूलों की क्यारियां भी दर्शकों को खूब आकर्षित कर रही हैं।
दुर्लभ फूल पहली बार आकर्षण में
उद्यान में इस बार कई दुर्लभ फूल भी लगाए गए हैं, जिनमें
- ट्यूलिप
- कैना लिली
- मरक्यूरिस
- रेननकुलस
शामिल हैं, जो दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण बने हुए हैं।
फव्वारे, झरने और कृत्रिम पहाड़
सुसज्जित गार्डन, आकर्षक फव्वारे और हरियाली से घिरे रास्ते लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।
कृत्रिम पहाड़, झरने और फव्वारों से गिरता पानी प्राकृतिक वातावरण का एहसास करा रहा है।
मद्धिम संगीत उद्यान की सुंदरता को और सुकूनभरा बना रहा है।
सेल्फी प्वाइंट बना गार्डन
युवा वर्ग और छात्र-छात्राएं फूलों की क्यारियों और खूबसूरत पृष्ठभूमि के बीच सेल्फी और फोटो लेते नजर आ रहे हैं।
वहीं छोटे बच्चे झूलों और खेल गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं।
संस्कृति और वनस्पति का संगम
उद्यान में झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती
- सोहराई पेंटिंग
- महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाएं
भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।साथ ही यहां लगाए गए पीला बांस, रुद्राक्ष, कल्पतरु, स्ट्रॉबेरी, इलायची और तेजपत्ता जैसे पौधे भी खास आकर्षण बने हुए हैं।
सुरक्षा अधिकारी का बयान
उद्यान के सुरक्षा अधिकारी कृपा शंकर पाल के अनुसार अब तक साढ़े चार लाख से अधिक लोग उद्यान का भ्रमण कर चुके हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं।
प्रकृति प्रेमियों का नया ठिकाना
कुल मिलाकर लोकभवन उद्यान इन दिनों प्रकृति प्रेमियों, परिवारों, विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए सुकून और आनंद का नया ठिकाना बनकर उभरा है।
