अनवर इब्राहीम से उच्चस्तरीय वार्ता, इंडो-पैसिफिक साझेदारी और सामरिक सहयोग पर रहेगा फोकस
Highlights
- 7–8 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी का आधिकारिक मलेशिया दौरा
- मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहीम से द्विपक्षीय वार्ता
- रक्षा सहयोग और व्यापार विस्तार मुख्य एजेंडा
- डॉर्नियर विमान, स्कॉर्पीन पनडुब्बी मेंटेनेंस पर चर्चा संभव
- प्रवासी भारतीयों का भव्य स्वागत कार्यक्रम
- 800 कलाकारों का रिकॉर्ड डांस परफॉर्मेंस
- 15 हजार लोगों को संबोधित करेंगे दोनों प्रधानमंत्री
विस्तार
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 7 और 8 फरवरी को मलेशिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्य रक्षा सहयोग, व्यापार विस्तार और सामरिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा सहयोग पर जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा होगी। संभावित एजेंडा में शामिल हैं—
- डॉर्नियर विमान की संभावित बिक्री
- स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के रखरखाव में सहयोग
- एसयू-30 लड़ाकू विमानों के मेंटेनेंस सपोर्ट
- रक्षा तकनीक और प्रशिक्षण साझेदारी
मलेशिया को आसियान और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत का अहम रणनीतिक साझेदार माना जाता है। यह दौरा भारत की Act East Policy के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
भव्य स्वागत की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को लेकर मलेशिया में भारतीय प्रवासी समुदाय ने भव्य कार्यक्रम की तैयारी की है।
‘Selamat Datang Modi Ji’ (स्वागत मोदी जी) नाम से आयोजित समारोह में—
- 800 से अधिक कलाकार भाग लेंगे
- एक साथ विशाल नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी
- लक्ष्य: Malaysian Book of Records में नाम दर्ज कराना
आयोजकों के अनुसार यह भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियों का सबसे बड़ा समूह प्रदर्शन होगा।
15 हजार प्रवासियों को संबोधन
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम लगभग 15,000 लोगों की मौजूदगी में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे। भारतीय उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी ने कहा कि मलेशिया में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी भारतीय मूल की आबादी रहती है, जो दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत सामाजिक कड़ी है।
नृत्य में दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विविधता
सांस्कृतिक प्रस्तुति में भारत की समृद्ध और बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत की झलक नृत्य के माध्यम से दिखाई देगी। मंच पर देश की प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियाँ जैसे भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कथकली, मोहिनियाट्टम और कुचिपुड़ी अपनी पारंपरिक भाव-भंगिमाओं और शास्त्रीय सौंदर्य के साथ प्रस्तुत की जाएंगी। इसके साथ ही भारत की लोक परंपराओं की जीवंतता को दर्शाते हुए लोक नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिनमें यक्षगान, लावणी, पंजाबी, राजस्थानी, बिहू, ओडिया और तमिल लोक नृत्य सहित कई क्षेत्रीय शैलियाँ शामिल होंगी। इन प्रस्तुतियों के जरिए “विविधता में एकता” की भारतीय पहचान को भव्य रूप में मंच पर जीवंत किया जाएगा। यह सांस्कृतिक प्रस्तुति भारत-मलेशिया संबंधों की सांस्कृतिक गहराई को प्रदर्शित करेगी।
व्यापार और निवेश पर भी फोकस
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी—
- प्रवासी भारतीय उद्यमियों
- व्यापार प्रतिनिधियों
- निवेशकों
से मुलाकात करेंगे। उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति देना है।
रणनीतिक साझेदारी के बाद पहला दौरा
यह प्रधानमंत्री मोदी का तीसरा मलेशिया दौरा होगा। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों को “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया गया था। उसके बाद यह पहला उच्चस्तरीय दौरा है, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

