कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बोले मुख्यमंत्री, असम दौरे को लेकर भी जताई चिंता
Highlights
- झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत
- केंद्रीय बजट को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने उठाए सवाल
- कृषि क्षेत्र को विदेशी बाजार के लिए खोलने पर जताई आपत्ति
- किसानों, मजदूरों और छोटे उद्योगों पर असर की आशंका
- असम दौरे के अनुभव भी किए साझा
- बोले-अधिकारों के लिए अब भी संघर्ष कर रहे लोग

विस्तार
रांची : झारखंड मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए विभिन्न समसामयिक और राजनीतिक विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर तीखा हमला बोला।
केंद्रीय बजट पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट का वास्तविक लाभ देश के विकास में कितना लगेगा, यह एक बड़ा प्रश्न है। उन्होंने आशंका जताई कि बजट की नीतियों का असर आम जनता पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि देश में भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बढ़ सकता है, यदि संसाधनों का सही वितरण और प्राथमिकताओं का संतुलन नहीं रखा गया।
कृषि क्षेत्र को लेकर चिंता
सीएम सोरेन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश की मजबूत रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र को विदेशी बाजार के लिए खोल दिया है।
उनके अनुसार, इसका सीधा प्रभाव
- किसानों
- मजदूरों
- छोटे और मंझोले उद्योगों
पर पड़ेगा, जिससे आर्थिक असंतुलन बढ़ सकता है।
असम दौरे पर भी दिया बयान
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने अपने हालिया असम दौरे का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि लोग आज भी अपने अधिकारों और मान्यताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि हालात ऐसे लगे मानो लोग अभी भी “अंग्रेजों के चंगुल” से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाए हों।
अधिकारों को लेकर संघर्ष का जिक्र
सीएम ने कहा कि असम में आवाज उठाने वालों के साथ कठोर व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहां की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियां “विचित्र और चिंताजनक” प्रतीत होती हैं।
