Friday, February 6, 2026
Homeखबर स्तम्भThe Washington Post में बड़ी छंटनी: एक-तिहाई स्टाफ बाहर, शशि थरूर के...

The Washington Post में बड़ी छंटनी: एक-तिहाई स्टाफ बाहर, शशि थरूर के बेटे की भी नौकरी गई

800 में से 300 पत्रकारों को निकाला गया, इंटरनेशनल रिपोर्टिंग नेटवर्क को सबसे बड़ा झटका

Highlights

  • वॉशिंगटन पोस्ट ने 33% स्टाफ में की कटौती
  • 800 में से करीब 300 पत्रकारों की छंटनी
  • ईशान थरूर भी छंटनी से प्रभावित
  • इंटरनेशनल ब्यूरो और ग्लोबल कवरेज पर बड़ा असर
  • जेरूसलम और यूक्रेन ब्यूरो बंद
  • डिजिटल बदलाव और राजस्व दबाव बताया कारण
  • पूर्व संपादकों व मीडिया विशेषज्ञों ने जताई चिंता

विस्तार

वॉशिंगटन / नई दिल्ली : वैश्विक मीडिया जगत से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुनिया के प्रतिष्ठित अख़बारों में शुमार The Washington Post ने अपने स्टाफ में अब तक की सबसे बड़ी कटौती करते हुए करीब एक-तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। जानकारी के मुताबिक, अख़बार में कार्यरत लगभग 800 पत्रकारों में से 300 को एक साथ बाहर कर दिया गया है।

ईशान थरूर भी छंटनी की जद में

इस बड़ी छंटनी में कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर भी प्रभावित हुए हैं। वे अख़बार के चर्चित WorldView कॉलम लिखते थे और इंटरनेशनल अफेयर्स पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।

इंटरनेशनल कवरेज पर सबसे बड़ा असर

छंटनी का सबसे ज्यादा प्रभाव अख़बार की ग्लोबल न्यूजरूम और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग नेटवर्क पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार

  • न्यू दिल्ली ब्यूरो चीफ प्रांशु वर्मा
  • एशिया एडिटर एना फिफिल्ड
  • सिडनी, काहिरा सहित कई इंटरनेशनल ब्यूरो प्रमुख
  • मिडिल ईस्ट रिपोर्टिंग टीम
  • चीन, ईरान, तुर्की में तैनात संवाददाता

को भी इस कटौती का सामना करना पड़ा है।

इसके अलावा जेरूसलम और यूक्रेन ब्यूरो को भी बंद कर दिया गया है।
मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और युद्धों के दौर में अंतरराष्ट्रीय कवरेज कम करना पत्रकारिता के लिहाज़ से चिंताजनक संकेत है।

ईशान थरूर का भावुक संदेश

नौकरी जाने के बाद ईशान थरूर ने कहा कि 2017 में WorldView कॉलम शुरू करना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने अपने करीब 5 लाख पाठकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने वर्षों तक उनका लेखन पढ़ा और समर्थन दिया।

मालिक जेफ बेजोस, अमेज़न में भी छंटनी

The Washington Post के मालिक जेफ बेजोस हैं, जो ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon के संस्थापक भी हैं।
गौरतलब है कि अमेज़न ने भी हाल के महीनों में करीब 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है-जो टेक और मीडिया सेक्टर पर बढ़ते आर्थिक दबाव को दर्शाता है।

प्रबंधन का पक्ष

अख़बार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को दर्दनाक लेकिन जरूरी बताया।
उनके अनुसार

  • डिजिटल बदलाव तेज़ हुआ है
  • पाठकों की आदतें बदल रही हैं
  • राजस्व मॉडल पर दबाव है
  • अब हर विषय को कवर करना संभव नहीं

आलोचना भी तेज

पूर्व संपादक मार्टिन बैरन समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है

  • इससे अख़बार की साख को नुकसान होगा
  • ग्लोबल पहचान कमजोर पड़ेगी
  • खोजी पत्रकारिता प्रभावित होगी

किन विभागों पर गिरी गाज

छंटनी का असर कई प्रमुख डेस्क पर पड़ा है

  • इंटरनेशनल रिपोर्टिंग
  • स्पोर्ट्स
  • बुक्स सेक्शन
  • मेट्रो डेस्क
  • कॉपी एडिटिंग

बदलते दौर में मीडिया पर आर्थिक दबाव

विशेषज्ञ इसे वैश्विक मीडिया इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलाव का संकेत मान रहे हैं, जहां

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म का दबदबा बढ़ रहा है
  • विज्ञापन राजस्व घट रहा है
  • प्रिंट मॉडल कमजोर हो रहा है

ऐसे में बड़े मीडिया संस्थान भी लागत घटाने के लिए कठोर फैसले लेने को मजबूर हैं।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular