स्वच्छ छवि वाले जनप्रतिनिधियों को आगे लाने का संकल्प, युवाओं ने बदलाव की मुहिम शुरू की
Highlights
- झारखंड नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ गिरिडीह में राजनीतिक गतिविधियां तेज
- संभावित प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने में जुटे
- जागरूक युवाओं ने “गिरिडीह वेलफेयर रेजीडेंस एसोसिएशन” का गठन किया
- स्वच्छ छवि वाले जनप्रतिनिधियों को समर्थन देने का लक्ष्य
- 36 वार्डों में युवाओं को मौका देने की मांग
- जनजागरूकता अभियान चलाने की तैयारी
विस्तार
गिरिडीह : झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा होते ही गिरिडीह में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव लड़ने की मंशा रखने वाले संभावित उम्मीदवार मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
इसी बीच शहर के कुछ जागरूक युवाओं ने “गिरिडीह वेलफेयर रेजीडेंस एसोसिएशन” नाम से एक संगठन का गठन किया है, जिससे शहर की राजनीति में नया समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
संगठन का उद्देश्य: स्वच्छ राजनीति
संगठन का मुख्य उद्देश्य साफ-सुथरी छवि वाले जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन कराना है, ताकि नगर निगम की व्यवस्था बेहतर तरीके से आम जनता को सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध करा सके।
इस संबंध में गुरुकुल स्टडी सेंटर के डायरेक्टर डॉ. संजीव सिन्हा ने कहा कि नगर निगम के सभी 36 वार्डों में युवाओं को अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा “इसी सोच के तहत गिरिडीह वेलफेयर रेजीडेंस एसोसिएशन का गठन किया गया है। हमारा मकसद मतदाताओं को यह समझाना है कि अब बदलाव जरूरी है।”
विकास पर उठे सवाल
डॉ. संजीव सिन्हा ने कहा कि पिछले छह वर्षों में गिरिडीह का कितना विकास हुआ है, यह किसी से छिपा नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि चुने हुए जनप्रतिनिधि जनता की आवाज नहीं सुनते हैं, तो जेन-जी (Gen-Z) के माध्यम से जनहित में उचित कदम उठाए जाएंगे।
जनजागरूकता अभियान की तैयारी
उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में संगठन द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।इसके तहत योग्य, ईमानदार और जनसेवा के प्रति समर्पित प्रत्याशियों को समर्थन देने की रणनीति बनाई जाएगी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं की यह पहल नगर निगम चुनाव में बड़ा असर डाल सकती है और गिरिडीह की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
