नए नियमों पर रोक, केंद्र सरकार को फटकार-अब पुराना कानून ही लागू रहेगा
हेडलाइन
- UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, केंद्र सरकार को बड़ा झटका
- शिक्षा नीति पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुराने नियम लागू रहेंगे
- UGC नियमों पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – दुरुपयोग की आशंका
- छात्रों के हित में सुप्रीम कोर्ट का कदम, नए नियमों पर स्टे
- UGC गाइडलाइन पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी, सरकार को दोबारा मसौदा बनाने का आदेश
नई दिल्ली : देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। गुरुवार को शीर्ष अदालत ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा जारी किए गए नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन नियमों में कई प्रावधान अस्पष्ट हैं, जिनका गलत इस्तेमाल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी-“नियम दुरुपयोग के लायक”
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और UGC दोनों पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि जिस तरह से नियम बनाए गए हैं, वे “दुरुपयोग के लिए खुले” नजर आते हैं।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इन गाइडलाइंस का मसौदा दोबारा तैयार करे और नियमों को अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और संतुलित बनाए।
“रिवर्स डिस्क्रिमिनेशन” का मुद्दा
मामले की सुनवाई के दौरान सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ कथित भेदभाव और “रिवर्स डिस्क्रिमिनेशन” के आरोपों पर भी कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई।
इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक नई समिति (कमेटी) गठित करने का आदेश दिया, जो इन नियमों की समीक्षा करेगी और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए सुझाव देगी।
अगली सुनवाई-19 मार्च
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 19 मार्च तय की है।
इस दिन केंद्र सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट रूप से अदालत के सामने रखना होगा।
पुराने नियम लागू रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि
- जब तक अगली सुनवाई नहीं होती
- तब तक UGC के पुराने यानी 2012 के नियम ही लागू रहेंगे
इस फैसले से नई गाइडलाइंस पर पूरी तरह रोक लग गई है।
सरकार और UGC की बढ़ी मुश्किलें
कोर्ट की टिप्पणी ने केंद्र सरकार और UGC की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी बेहद अहम है।
यह मामला अब सिर्फ शिक्षा नीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि
- सामाजिक न्याय
- समानता
- और संविधान के मूल सिद्धांत
से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है
- क्या केंद्र सरकार UGC नियमों में बड़े बदलाव करेगी?
- क्या नई गाइडलाइंस सभी वर्गों के लिए समान होंगी?
- या फिर यह विवाद और गहराएगा?
इन सवालों के जवाब 19 मार्च की सुनवाई के बाद ही सामने आएंगे।
