बेंगलुरु में दर्ज हुई FIR, 8 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई, बॉलीवुड से लेकर दक्षिण भारत तक मचा हंगामा
Highlights
- अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु में FIR दर्ज
- ‘कांतारा’ फिल्म के दैवा सीन की कथित नकल का आरोप
- हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला
- BNS की धारा 196, 299 और 302 के तहत केस
- 8 अप्रैल 2026 को कोर्ट में सुनवाई
- रणवीर सिंह ने दी सफाई, माफी भी मांगी
- दक्षिण भारत में विरोध, सोशल मीडिया पर बहस तेज
विस्तार
विवाद के केंद्र में रणवीर सिंह
बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह एक बार फिर बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इस बार मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह कानूनी दायरे में पहुंच चुका है।
ऋषभ शेट्टी की सुपरहिट फिल्म ‘कांतारा’ के प्रसिद्ध दैवा सीन की कथित नकल को लेकर रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु में FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने कर्नाटक की प्राचीन दैवा परंपरा का अपमान किया और हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
बेंगलुरु में दर्ज हुई FIR
बुधवार को बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में रणवीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिकायत बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल द्वारा दर्ज कराई गई है।
FIR में रणवीर सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की—
- धारा 196
- धारा 299
- धारा 302
के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रणवीर सिंह ने कर्नाटक के तटीय इलाकों में पूजित चावुंडी दैवा परंपरा का मजाक उड़ाया और उसे हास्यास्पद तरीके से प्रस्तुत किया।
विवाद की शुरुआत: IFFI 2025 का मंच
पूरा मामला 28 नवंबर 2025 का बताया जा रहा है, जब गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का आयोजन हो रहा था।
आरोप है कि—
- रणवीर सिंह ने मंच पर दैवा परंपरा से जुड़े भाव-हावभाव की नकल की
- पंजुरली और गुलिगा दैवा के प्रतीकों को भद्दे अंदाज में पेश किया
- कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं
शिकायत में यह भी कहा गया है कि रणवीर सिंह ने चावुंडी दैवा को “महिला भूत” कहा।
जबकि चावुंडी दैवा को कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में रक्षक देवी और दिव्य स्त्री शक्ति के रूप में पूजा जाता है।
धार्मिक भावनाओं का मुद्दा क्यों बना बड़ा?
‘कांतारा’ फिल्म के बाद दैवा परंपरा को लेकर लोगों की आस्था और संवेदनशीलता काफी बढ़ गई है।
दैवा परंपरा सिर्फ धार्मिक विश्वास नहीं, बल्कि—
- लोक संस्कृति
- जन आस्था
- हजारों साल पुरानी परंपरा
- तटीय कर्नाटक की पहचान
का प्रतीक है।
इसी कारण रणवीर सिंह के कथित बयान को “सांस्कृतिक अपमान” और “धार्मिक अपमान” के रूप में देखा जा रहा है।
कोर्ट पहुंचा मामला, 8 अप्रैल को सुनवाई
यह मामला अब बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (CMM) कोर्ट को सौंप दिया गया है।
मामले की टाइमलाइन—
- 27 दिसंबर 2025: निजी शिकायत दर्ज
- 23 जनवरी 2026: कोर्ट का FIR दर्ज करने का आदेश
- 8 अप्रैल 2026: अगली सुनवाई
अब अदालत तय करेगी कि मामला आपराधिक है या नहीं और रणवीर सिंह पर आगे कार्रवाई होगी या नहीं।
रणवीर सिंह की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर सफाई दी और माफी भी मांगी।
उन्होंने कहा—
“मेरा इरादा किसी भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
मैं सिर्फ ऋषभ शेट्टी की शानदार परफॉर्मेंस की तारीफ कर रहा था।
अगर मेरी वजह से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी मांगता हूं।”
राजनीति और समाज में प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार—
- कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध जताया
- दक्षिण भारत में राजनीतिक दलों ने मुद्दा उठाया
- सोशल मीडिया पर #BoycottRanveerSingh ट्रेंड
कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक अपमान कह रहे हैं।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में तीन संभावनाएं हैं—
1️⃣ कोर्ट रणवीर सिंह को राहत दे सकती है
2️⃣ पुलिस जांच आगे बढ़ सकती है
3️⃣ मामला बड़ा सांस्कृतिक और राजनीतिक विवाद बन सकता है

