हाथियों के हमले में घायल युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मुआवजा और सुरक्षा की मांग पर अड़े लोग
Highlights
- चतरा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ा
- घायल युवक विकास भुइयां की मौत के बाद जनआक्रोश
- ग्रामीणों ने चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग किया जाम
- वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
- मुआवजा और हाथियों से सुरक्षा की मांग
- कई वाहन फंसे, यातायात पूरी तरह बाधित
विस्तार
चतरा जिले के सोनपुर और रामपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल युवक विकास भुइयां की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इससे पहले हाथियों के हमले में मनोज भुइयां की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।दो मौतों और कई पालतू जानवरों के मारे जाने के बाद ग्रामीणों का धैर्य टूट गया है।
मुख्य मार्ग पर सड़क जाम
गुस्साए ग्रामीणों ने कुंदरी के पास चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिलता और हाथियों को भगाने का ठोस इंतजाम नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वन विभाग पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।स्थानीय ग्रामीण अनिल सिंह ने कहा
“वन विभाग सिर्फ आश्वासन देता है। अब हम भरोसे में नहीं आने वाले हैं। जब तक चेक के रूप में मुआवजा नहीं मिलेगा और सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाएगी, तब तक सड़क जाम रहेगा।” ग्रामीणों का आरोप है कि बीती रात भी हाथियों ने गांव में घुसकर कई मवेशियों को मार डाला और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
जान-माल का भारी नुकसान
हाथियों के हमलों से
- दो लोगों की मौत
- कई मवेशियों की मौत
- फसलों को भारी नुकसान
- ग्रामीणों में भय का माहौल
जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध
फिलहाल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग मौके पर पहुंचकर लिखित रूप से सुरक्षा और मुआवजे की घोषणा करे। अब सवाल यह है कि वन विभाग कब ठोस कदम उठाएगा और ग्रामीणों को कब राहत मिलेगी।
