संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सामाजिक न्याय, विकास और भारत के भविष्य को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
Highlights
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र में संसद को किया संबोधित
- दलित, पिछड़े, आदिवासी और सभी वर्गों के लिए संवेदनशील सरकार का दावा
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा 25 करोड़ से बढ़कर 95 करोड़ लोगों तक पहुंचा
- 2026 को विकसित भारत की यात्रा का अहम पड़ाव बताया
- ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और विरासत का किया उल्लेख
- संसद पहुंचने पर राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर, शीर्ष नेताओं ने किया स्वागत

विस्तार
संसद के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति का संबोधन
नई दिल्ली। बजट सत्र की शुरुआत के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। संसद पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा “मेरी सरकार दलितों, पिछड़ों, आदिवासी समुदाय और सभी वर्गों के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सबका साथ, सबका विकास का विजन हर नागरिक के जीवन पर सकारात्मक असर डाल रहा है।” उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 की शुरुआत में सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल 25 करोड़ नागरिकों तक सीमित थीं, लेकिन सरकार के प्रयासों से अब लगभग 95 करोड़ भारतीय इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
2026 को बताया विकसित भारत की यात्रा का आधार
राष्ट्रपति ने कहा “साल 2026 के साथ हमारा देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। पिछले 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। यह वर्ष विकसित भारत की हमारी यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।” उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जो देश के आत्मविश्वास और वैश्विक पहचान को मजबूत करती हैं।
विरासत और प्रेरणा का उल्लेख
राष्ट्रपति ने देश के महान व्यक्तित्वों और ऐतिहासिक अवसरों का भी उल्लेख किया—
- श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस
- बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती
- सरदार पटेल की 150वीं जयंती
- भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती
- वंदे मातरम् के 150 वर्ष
उन्होंने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और विकसित भारत की यात्रा और तेज होती है।
संसद और लोकतंत्र की भूमिका पर संदेश
राष्ट्रपति ने कहा कि संसद लोकतंत्र का केंद्र है और देश के विकास में सांसदों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने संसद में वंदे मातरम् पर हुई विशेष चर्चा के लिए सांसदों को बधाई दी।
भारत की प्रगति का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज तेज़ प्रगति के मार्ग पर है और सरकार सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय एकता के साथ आगे बढ़ रही है।
