जमशेदपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नाकाम हुई अपहरणकर्ताओं की साजिश, बिहार के संगठित गिरोह की भूमिका की आशंका
Highlights
- जमशेदपुर से अपहृत कारोबारी कैरव गांधी सकुशल बरामद
- हजारीबाग-बिहार सीमा क्षेत्र से पुलिस ने किया रेस्क्यू
- ट्रांजिट के दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर कारोबारी को छुड़ाया
- बिहार के संगठित गिरोह की भूमिका की आशंका
- झारखंड और बिहार में कई ठिकानों पर छापेमारी जारी
- जल्द हो सकते हैं बड़े खुलासे

विस्तार
हजारीबाग-बिहार बॉर्डर से बरामदगी
जमशेदपुर/हजारीबाग- जमशेदपुर से अपहृत कारोबारी कैरव गांधी को पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हजारीबाग-बिहार सीमा क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहरणकर्ताओं की योजना नाकाम हो गई।
जानकारी के अनुसार, अपहरणकर्ता कारोबारी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांजिट कर रहे थे। इसी दौरान जमशेदपुर पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया और कारोबारी को सुरक्षित मुक्त करा लिया।
बिहार के गिरोह की भूमिका की आशंका
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस अपहरण कांड में बिहार के एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है।
कई ठिकानों पर छापेमारी
पुलिस ने मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। झारखंड और बिहार के कई इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही इस अपहरण कांड से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस की बड़ी सफलता
इस पूरे ऑपरेशन को जमशेदपुर पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कारोबारी के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस अब पूरे गिरोह को बेनकाब करने की दिशा में जुटी है।
