सरयू राय के निजी सचिव का बयान— डीजीपी आईं और चली गईं, लेकिन कैरव गांधी की सकुशल वापसी का कोई शुभ संकेत नहीं मिला
Highlights
- जमशेदपुर पश्चिम के युवा उद्यमी कैरव गांधी 13 जनवरी से लापता
- अपहरण की आशंका, परिवार को फिरौती के लिए फोन कॉल
- पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई ठोस सार्वजनिक जानकारी नहीं
- उद्यमियों और व्यवसायियों में बढ़ती असुरक्षा की भावना
- पीड़ित परिवार का दर्द शहर के संवेदनशील वर्ग को उद्वेलित कर रहा
- 3 फरवरी 2026 को गांधी घाट से उपायुक्त कार्यालय तक मौन प्रदर्शन
- सरयू राय ने सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों से भागीदारी की अपील
विस्तार
13 जनवरी से लापता युवा उद्यमी
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के युवा उद्यमी कैरव गांधी गत 13 जनवरी से लापता हैं। परिजनों का कहना है कि उनका अपहरण कर लिया गया है और फिरौती के लिए परिवार के पास फोन आया है।
पुलिस के जिला एवं प्रांत स्तर के आला अधिकारी पूछने पर बताते हैं कि कैरव गांधी को अपहरणकर्ताओं से मुक्त कराने के लिए गंभीर प्रयास जारी हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस सार्वजनिक सूचना सामने नहीं आई है।

अपुष्ट खबरों से भ्रम की स्थिति
समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों में अपुष्ट सूत्रों के हवाले से रोज़ाना नई-नई खबरें सामने आ रही हैं। कभी ये खबरें उम्मीद जगाती हैं तो कभी निराश करती हैं। इससे शहर में भ्रम और उहापोह की स्थिति पैदा हो रही है।
पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से कोई आश्वस्त करने वाली जानकारी नहीं आ रही, जिससे जांच की प्रगति और अब तक किए गए प्रयासों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
उद्यमियों में गहराती असुरक्षा
यह बयान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के निजी सचिव रिक्की केशरी ने जारी किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पुलिस महानिदेशक के जमशेदपुर दौरे से उम्मीद जगी थी कि कैरव गांधी की सकुशल वापसी का कोई शुभ संकेत मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के निवासियों, खासकर उद्यमियों और व्यवसायियों के बीच असुरक्षा की भावना लगातार गहराती जा रही है। पीड़ित परिवार का कष्ट शहर के संवेदनशील समूह को उद्वेलित कर रहा है।
3 फरवरी को मौन प्रदर्शन की घोषणा
रिक्की केशरी के अनुसार, जनता की भावना और पीड़ा को स्वर देने के लिए विधायक सरयू राय ने निर्णय लिया है कि यदि जमशेदपुर और झारखंड का पुलिस प्रशासन एक सप्ताह के भीतर अपहर्ताओं को बेनकाब कर कैरव गांधी की सकुशल वापसी सुनिश्चित नहीं करता है, तो जमशेदपुर की जनता 3 फरवरी 2026 (मंगलवार) को सड़क पर उतरेगी।
यह विरोध प्रदर्शन मौन होगा। प्रदर्शनकारी—
- मुंह पर पट्टी बांधकर
- हाथ में तख्ती लेकर
- गांधी घाट से उपायुक्त कार्यालय तक
मौन जुलूस निकालेंगे और अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे।
सभी संगठनों से समर्थन की अपील
सरयू राय ने जमशेदपुर के सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में शामिल हों और जमशेदपुर की इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

