Highlights
- वरिष्ठ पत्रकार और बीबीसी के पूर्व ब्यूरो चीफ मार्क टली का निधन
- 90 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली में ली अंतिम सांस
- साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में थे भर्ती
- भुट्टो के मुकदमे और इंदिरा गांधी की हत्या जैसी ऐतिहासिक घटनाओं की रिपोर्टिंग
- पत्रकारिता जगत में शोक की लहर, FCC South Asia और IAPC ने जताया दुख
- 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित थे मार्क टली
- 2002 में मिला था नाइटहुड सम्मान

विस्तार
नई दिल्ली : भारत में बीबीसी के पूर्व ब्यूरो चीफ और वरिष्ठ पत्रकार सर मार्क टली का रविवार (25 जनवरी 2026) को निधन हो गया। बीबीसी के अनुसार, 90 वर्षीय मार्क टली ने नई दिल्ली में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और बीते एक सप्ताह से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे, जहां रविवार दोपहर उनका निधन हो गया।
मार्क टली उन पत्रकारों में शामिल थे, जिन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के मुकदमे से लेकर भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या तक जैसी ऐतिहासिक घटनाओं को कवर किया था। बीबीसी में उनके पूर्व सहयोगी रहे वरिष्ठ पत्रकार सतीश जैकब ने उनके निधन की पुष्टि की है।
पत्रकारिता जगत में शोक की लहर
FCC South Asia और IAPC ने मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा-
“बहुत दुख और गहरे शोक के साथ, हम अपने संस्थापक सदस्य मार्क टली के निधन की सूचना दे रहे हैं। वह रेडियो पत्रकारिता के सच्चे दिग्गज और FCC साउथ एशिया के मजबूत स्तंभ थे। उनकी आवाज भारत में सबसे भरोसेमंद और पहचानी जाने वाली आवाजों में से एक थी।”
संस्थाओं ने कहा कि बीबीसी के लिए उनकी रिपोर्टिंग दुर्लभ ईमानदारी, असाधारण गहराई और सच्चाई के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती थी।
आपातकाल के दौरान भारत आने पर प्रतिबंध
मार्क टली को 1975-77 के दौरान भारत में आने से प्रतिबंधित कर दिया गया था, जब इंदिरा गांधी सरकार ने आपातकाल के दौरान प्रेस पर सेंसरशिप लागू की थी।
पद्म भूषण से सम्मानित
मार्क टली को वर्ष 2002 में नाइटहुड से सम्मानित किया गया था, जबकि भारत सरकार ने उन्हें 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
पत्रकारिता में अमिट योगदान
मार्क टली का नाम भारत और दक्षिण एशिया की पत्रकारिता में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
