कॉर्पोरेट रणनीति में बड़ा मोड़, अल्बिंदर ढींडसा बने नए ग्रुप CEO
Highlights
- दीपिंदर गोयल ने एटरनल के ग्रुप CEO पद से इस्तीफा दिया
- अल्बिंदर ढींडसा को नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया
- गोयल बोर्ड में वाइस चेयरमैन की भूमिका में रहेंगे
- नई परियोजनाओं और इनोवेशन पर फोकस करना चाहते हैं गोयल
- तिमाही नतीजों में कंपनी का मुनाफा 73% बढ़ा
- नेतृत्व बदलाव को एटरनल की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है
विस्तार:
नई दिल्ली/गुरुग्राम।- भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी जोमैटो की पैरेंट कंपनी एटरनल (Eternal) में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। कंपनी के ग्रुप CEO दीपिंदर गोयल ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद यह बदलाव लागू कर दिया गया है और अब कंपनी की कमान अल्बिंदर ढींडसा को सौंप दी गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना में बताया कि दीपिंदर गोयल अब बोर्ड में वाइस चेयरमैन की भूमिका में रहेंगे और रणनीतिक स्तर पर कंपनी से जुड़े रहेंगे।

क्यों छोड़ा ग्रुप CEO का पद?
दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों के नाम जारी संदेश में कहा कि वे अब ऐसे नए विचारों और परियोजनाओं पर काम करना चाहते हैं, जिनमें प्रयोग और जोखिम की अधिक संभावना हो। उनका कहना था कि सार्वजनिक कंपनी के ढांचे में रहते हुए बड़े प्रयोग करना कठिन होता है, क्योंकि वहां प्राथमिकता मुख्य कारोबार और स्थिर विकास पर होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एटरनल जैसी बड़ी कंपनी को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो रोजमर्रा के संचालन और कोर बिजनेस पर पूरी तरह केंद्रित रह सके।
कौन हैं नए ग्रुप CEO अल्बिंदर ढींडसा?
अल्बिंदर ढींडसा लंबे समय से एटरनल ग्रुप के संचालन और रणनीतिक फैसलों से जुड़े रहे हैं। विशेष रूप से ब्लिंकिट के अधिग्रहण और उसे घाटे से उबारकर ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम रही है। अब ग्रुप CEO के रूप में वे कंपनी के प्रमुख बिजनेस मॉडल, विस्तार रणनीति और भविष्य की दिशा तय करेंगे।
तिमाही नतीजों में मजबूत प्रदर्शन
नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे भी जारी किए हैं, जो मजबूत प्रदर्शन का संकेत देते हैं-
- शुद्ध लाभ: करीब 73% बढ़कर 102 करोड़ रुपये
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: 16,315 करोड़ रुपये
- पिछले वर्ष की समान अवधि में रेवेन्यू: 5,405 करोड़ रुपये
ये आंकड़े बताते हैं कि एटरनल का कारोबार तेजी से विस्तार कर रहा है।
रणनीतिक बदलाव के दौर में एटरनल
विशेषज्ञों के अनुसार, दीपिंदर गोयल का यह कदम केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि एटरनल की नई रणनीतिक दिशा का संकेत है। एक ओर कंपनी का फोकस मुख्य कारोबार को और मजबूत करने पर रहेगा, वहीं दूसरी ओर गोयल नई संभावनाओं और इनोवेशन पर काम करेंगे। कॉर्पोरेट जगत में इस बदलाव को एटरनल के भविष्य के विस्तार और बिजनेस मॉडल में संभावित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

