71वें राष्ट्रीयकरण दिवस पर एलआईसी की उपलब्धियों और बीमा कानून संशोधन पर जताई गई चिंता
Highlights
- जीवन बीमा व्यवसाय के 71वें राष्ट्रीयकरण दिवस पर AIBEA गिरिडीह की प्रेस वार्ता
- एलआईसी ने 5 करोड़ से 56 लाख करोड़ की परिसंपत्तियों तक तय किया सफर
- 31 मार्च 2025 तक इंफ्रास्ट्रक्चर में 54 लाख करोड़ से अधिक का निवेश
- एक दिन में 5.88 लाख पॉलिसी बेचकर एलआईसी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
- बीमा कानून संशोधन 2025 में 100% FDI को लेकर कर्मचारियों में चिंता
- AIBEA ने राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष तेज करने का किया ऐलान
विस्तार
गिरिडीह : जीवन बीमा व्यवसाय के 71वें राष्ट्रीयकरण दिवस के अवसर पर सोमवार को अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ (AIBEA) गिरिडीह शाखा इकाई की ओर से शाखा परिसर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस मौके पर एलआईसी की ऐतिहासिक उपलब्धियों, सामाजिक भूमिका और बीमा क्षेत्र में हालिया नीतिगत बदलावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रेस वार्ता में संघ के अध्यक्ष संजय शर्मा, सचिव धर्म प्रकाश, संयुक्त सचिव अनुराग मुर्मू, राजेश कुमार उपाध्याय, विजय कुमार, उपाध्यक्ष कुमकुम बाला वर्मा एवं उमानाथ झा उपस्थित रहे।
एलआईसी का गठन और उद्देश्य
प्रेस को संबोधित करते हुए मंडलीय संयुक्त सचिव सह शाखा सचिव धर्म प्रकाश ने बताया कि 19 जनवरी 1956 को केंद्र सरकार ने अध्यादेश के जरिए जीवन बीमा व्यवसाय का राष्ट्रीयकरण किया था। इसके बाद 1 सितंबर 1956 को 245 से अधिक देसी-विदेशी निजी बीमा कंपनियों का अधिग्रहण कर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की स्थापना की गई।
एलआईसी की स्थापना का मूल उद्देश्य था— “जनता का पैसा, जनता के लिए”, ताकि आम नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।
आंकड़ों में एलआईसी की मजबूती
धर्म प्रकाश ने कहा कि महज 5 करोड़ रुपये की पूंजी से शुरू हुई एलआईसी आज एक मजबूत सार्वजनिक संस्थान बन चुकी है।
- 31 मार्च 2025 तक 54 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश देश के आधारभूत ढांचे में
- 56 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कुल परिसंपत्तियां
- हर साल आयकर और जीएसटी के रूप में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का योगदान
- पिछले वित्तीय वर्ष में 230 लाख बीमा दावों का निपटान
- 48,151 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ, जो पिछले वर्ष से 18.38% अधिक
वर्ल्ड रिकॉर्ड और ब्रांड वैल्यू
उन्होंने बताया कि 20 जनवरी 2025 को एलआईसी ने एक ही दिन में 5,88,160 पॉलिसियां बेचकर ग्रीनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।
आज एलआईसी दुनिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली ब्रांड है, जिसका
- प्रीमियम में 57%
- पॉलिसी संख्या में 63%
मार्केट शेयर है।
बीमा कानून संशोधन पर चिंता
प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार द्वारा पारित “सबका बीमा, सबकी सुरक्षा” (बीमा कानून संशोधन) बिल 2025 पर गंभीर चिंता जताई गई।
धर्म प्रकाश ने कहा कि इस कानून के तहत
- बीमा क्षेत्र में FDI को 74% से बढ़ाकर 100% किया गया है
- कंपोजिट और कैप्टिव इंश्योरेंस जैसी नई अवधारणाएं लाई गई हैं
उनका कहना था कि इन बदलावों से जीवन बीमा व्यवसाय के राष्ट्रीयकरण का मूल उद्देश्य कमजोर हो सकता है और बीमा क्षेत्र 1956 से पहले की स्थिति की ओर लौट सकता है।
संघर्ष का ऐलान
उन्होंने जानकारी दी कि भुवनेश्वर में संपन्न AIBEA के 27वें राष्ट्रीय अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया है कि इन नीतिगत फैसलों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर जोरदार संघर्ष किया जाएगा।
संघ का उद्देश्य है कि आम जनता की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे और छोटी-छोटी बचतों का उपयोग देश के विकास में ही हो।
