छत्तीसगढ़ से लोध फॉल जा रही थी बस, महुआडांड़ अस्पताल में अफरा-तफरी, राहत-बचाव जारी
Highlights
- लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र की ओरसा घाटी में भीषण बस दुर्घटना
- बस में सवार थे करीब 80 यात्री, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से जा रहे थे लोध फॉल
- अब तक 5 महिलाओं के शव बरामद, और शव दबे होने की आशंका
- 25 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल, कई की हालत नाजुक
- महुआडांड़ सरकारी अस्पताल घायलों से भरा, स्थानीय डॉक्टर भी मदद में जुटे
विस्तार
लातेहार (Latehar)- झारखंड के लातेहार जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 5 महिलाओं के शव बरामद किए जाने की सूचना है, जबकि 25 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से लोध फॉल की ओर जा रही थी। बस में करीब 80 लोग सवार थे, जो किसी सामाजिक कार्यक्रम या पारिवारिक यात्रा पर निकले थे। जैसे ही बस ओरसा घाटी के खतरनाक मोड़ों पर पहुंची, चालक का संतुलन बिगड़ गया और बस पलट गई। पल भर में घाटी चीख-पुकार से गूंज उठी।
घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। एंबुलेंस को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। आशंका जताई जा रही है कि बस के नीचे अभी भी कुछ यात्री दबे हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
घायलों को बड़ी संख्या में महुआडांड़ के सरकारी अस्पताल लाया जा रहा है। अस्पताल में जगह की कमी और घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और प्रखंड के कई निजी क्लिनिक के चिकित्सक भी मदद के लिए आगे आए हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है।
अस्पताल के गलियारों में कराह, रोते-बिलखते परिजन और अपनों को ढूंढते लोग इस हादसे की भयावहता को बयां कर रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
स्कूल बस होने की जानकारी
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन ज्ञान गंगा हाई स्कूल, बलरामपुर की बस है, जिसे निजी तौर पर रिजर्व किया गया था। हादसे ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है और पांच घरों के चिराग बुझने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और राहत कार्य में सहयोग करने की अपील की है। वहीं, जिला प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या राहत-बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और घाटी मार्गों पर सुरक्षित ड्राइविंग और वाहनों की तकनीकी जांच की जरूरत को रेखांकित करता है।
