गुमला के पालकोट प्रखंड में गिरफ्तारी को बताया गया साजिशन, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
Highlights :
- सोमा मुंडा हत्याकांड में देवब्रत नाथ शाहदेव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रतिवाद मार्च
- पालकोट की सड़कों पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण, जमकर नारेबाजी
- “पुलिस की मनमानी नहीं चलेगी”, “राजा साहेब को रिहा करो” के गूंजे नारे
- ग्रामीणों ने गिरफ्तारी को बताया फर्जी और साजिशन
- रिहाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विस्तार :
गुमला/पालकोट (Gumla/Palkot)-
विस्तार :
गुमला/पालकोट (Gumla/Palkot)- इंसाफ की मांग अब सिर्फ एक आवाज़ नहीं रही, बल्कि पूरे झारखंड की सड़कों पर गूंजता जनआंदोलन बन चुकी है। सोमा मुंडा मामले को लेकर जनता का आक्रोश इस कदर बढ़ा कि विरोध की लपट राजधानी रांची से लेकर ग्रामीण अंचलों तक साफ दिखाई दी। एक तरफ जहाँ सोमा मुंडा प्रकरण के विरोध में 17 तारीख को पूरा रांची बंद रहा। न्याय की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतरे, चौक–चौराहों पर प्रदर्शन हुआ और पूरे झारखंड में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। आम जनजीवन प्रभावित रहा, लेकिन लोगों का एक ही सवाल था? आख़िर इंसाफ कब मिलेगा?
वहीं दूसरी ओर, इसी मामले में लाल देवब्रत नाथ शाहदेव की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में जोरदार प्रतिवाद मार्च निकाला गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतरे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “पुलिस प्रशासन हाय-हाय”, “खूंटी पुलिस होश में आओ”, “पुलिस की मनमानी नहीं चलेगी” और “राजा साहेब को रिहा करो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि देवब्रत शाहदेव को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार लोग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को निर्दोष लोगों को निशाना बनाने के बजाय असली दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, यह मामला अब केवल एक घटना नहीं रहा, बल्कि झारखंड में न्याय, पुलिस कार्यशैली और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों का प्रतीक बनता जा रहा है। जनता साफ संदेश दे रही है, इंसाफ चाहिए, किसी भी कीमत पर।
‘राजा साहेब समाज की आवाज हैं’
प्रतिवाद मार्च में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि देवब्रत शाहदेव, जिन्हें वे सम्मान से “राजा साहेब” कहते हैं, हमेशा गरीबों और असहाय लोगों की आवाज रहे हैं। उनका कहना था कि जो राज परिवार मुंडा समाज को अपना बड़ा भाई मानता है, वह किसी आदिवासी नेता की हत्या की साजिश कर ही नहीं सकता।
जमीन दान का हवाला, आरोप को बताया बेबुनियाद
मंगल मुंडा ने कहा कि राजा साहेब अब तक करीब 45 हजार एकड़ से अधिक जमीन समाजहित में दान कर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति हजारों एकड़ जमीन दान कर चुका हो, वह मात्र तीन एकड़ जमीन के लिए हत्या जैसा जघन्य अपराध क्यों करेगा। उन्होंने गिरफ्तारी को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए देवब्रत शाहदेव की अविलंब रिहाई की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मन्नू साहू ने आरोप लगाया कि खूंटी पुलिस ने साजिश के तहत देवब्रत शाहदेव को गिरफ्तार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो पालकोट से खूंटी तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा।
महिलाओं ने भी संभाली कमान
प्रतिवाद मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। महिलाओं ने कहा कि राजा साहेब ने स्कूल, कॉलेज, खेल मैदान, गरीबों के इलाज, बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी में हमेशा सहयोग किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्ति पर छोटी-सी जमीन के लिए हत्या का आरोप लगाना न सिर्फ गलत बल्कि समाज के साथ अन्याय है।
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि देवब्रत नाथ शाहदेव को जल्द रिहा किया जाए और सोमा मुंडा हत्याकांड के वास्तविक दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
‘राजा साहेब समाज की आवाज हैं’
प्रतिवाद मार्च में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि देवब्रत शाहदेव, जिन्हें वे सम्मान से “राजा साहेब” कहते हैं, हमेशा गरीबों और असहाय लोगों की आवाज रहे हैं। उनका कहना था कि जो राज परिवार मुंडा समाज को अपना बड़ा भाई मानता है, वह किसी आदिवासी नेता की हत्या की साजिश कर ही नहीं सकता।
जमीन दान का हवाला, आरोप को बताया बेबुनियाद
मंगल मुंडा ने कहा कि राजा साहेब अब तक करीब 45 हजार एकड़ से अधिक जमीन समाजहित में दान कर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति हजारों एकड़ जमीन दान कर चुका हो, वह मात्र तीन एकड़ जमीन के लिए हत्या जैसा जघन्य अपराध क्यों करेगा। उन्होंने गिरफ्तारी को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए देवब्रत शाहदेव की अविलंब रिहाई की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मन्नू साहू ने आरोप लगाया कि खूंटी पुलिस ने साजिश के तहत देवब्रत शाहदेव को गिरफ्तार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो पालकोट से खूंटी तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा।
महिलाओं ने भी संभाली कमान
प्रतिवाद मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। महिलाओं ने कहा कि राजा साहेब ने स्कूल, कॉलेज, खेल मैदान, गरीबों के इलाज, बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी में हमेशा सहयोग किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्ति पर छोटी-सी जमीन के लिए हत्या का आरोप लगाना न सिर्फ गलत बल्कि समाज के साथ अन्याय है।
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि देवब्रत नाथ शाहदेव को जल्द रिहा किया जाए और सोमा मुंडा हत्याकांड के वास्तविक दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
