महिला अपराध, आदतन अपराधियों और वारंट- कुर्की पर सख्ती, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित
Highlights
- एसपी कार्यालय गिरिडीह में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन
- लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश
- महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई पर जोर
- जेल से छूटे अपराधियों और आदतन अपराधियों के सत्यापन का आदेश
- सरस्वती पूजा को लेकर शांति समिति बैठक आयोजित करने के निर्देश
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित
विस्तृत
गिरिडीह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थाना, ओपी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
गोष्ठी के दौरान विगत माह में दर्ज कांडों की गहन समीक्षा की गई और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पिछले तीन माह में घटित गंभीर श्रेणी के अपराधों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। महिला अपराधों पर सख्त रुख
पुलिस अधीक्षक ने महिला से संबंधित अपराधों में त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आदतन अपराधियों पर कार्रवाई
बैठक में जेल से हाल ही में छूटे अपराधियों, आर्म्स एक्ट एवं संपत्तिमूलक अपराधों में संलिप्त आरोपियों के सत्यापन का निर्देश दिया गया। साथ ही आदतन अपराधियों के विरुद्ध सीआरपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
वारंट, कुर्की और सत्यापन पर जोर
एसपी डॉ. विमल कुमार ने लंबित वारंट और कुर्की मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन से जुड़े लंबित प्रकरणों के जल्द निपटारे पर विशेष बल दिया।
गश्ती और एंटी क्राइम चेकिंग
जिले में अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती और एंटी क्राइम चेकिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
सरस्वती पूजा को लेकर तैयारी
आगामी सरस्वती पूजा के मद्देनजर सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित कर विधि-व्यवस्था संधारण के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने को कहा गया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
गोष्ठी के अंत में विगत माह में महत्वपूर्ण कांडों के सफल उद्भेदन और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा।
