भाकपा (माले) नेता बोले– किसान, मजदूर और आम जनता के खिलाफ है केंद्र सरकार की नीतियां, देशव्यापी आंदोलन होगा तेज
Highlights
- 12 फरवरी को देशव्यापी भारत बंद का आह्वान
- भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर जन-विरोधी नीतियों का आरोप
- कृषि, किसान, मजदूर और श्रमिक विरोधी कानूनों के खिलाफ संघर्ष
- स्व. महेन्द्र सिंह के शहादत दिवस कार्यक्रम के बाद प्रेस वार्ता
- जनसंगठनों और किसानों से आंदोलन को सफल बनाने की अपील
- जनहितैषी नीतियों के लिए अखिल भारतीय संघर्ष का संकल्प
विस्तार
गिरिडीह: भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता सह धनवार के पूर्व विधायक राज कुमार यादव ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ आगामी 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां कृषि-विरोधी, किसान-विरोधी, मजदूर-विरोधी और जन-विरोधी हैं, जिससे देश की आम जनता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
राज कुमार यादव यह बातें भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय महेन्द्र सिंह के शहादत दिवस कार्यक्रम के बाद आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।
किसान–मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष
राज कुमार यादव ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की नीतियां किसानों, मजदूरों और मेहनतकश तबके के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक इन जन-विरोधी कानूनों और नीतियों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक इनके खिलाफ एकजुट और संगठित संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि भाकपा (माले) और उससे जुड़े जनसंगठन जनता की एकता को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और ऐसे कानूनों की मांग कर रहे हैं, जो जनता को सम्मानजनक जीवन, रोजगार और बुनियादी अधिकार सुनिश्चित करें।
अखिल भारतीय स्तर पर आंदोलन का संकल्प
राज कुमार यादव ने आगे कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति तक अखिल भारतीय स्तर पर निरंतर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों से 12 फरवरी के भारत बंद को सफल बनाने की अपील की।
प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद किसानों और मेहनतकश तबकों ने भी कॉरपोरेट समर्थक, किसान-विरोधी और मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया। इस मौके पर भाकपा (माले) नेता राजेश सिन्हा भी प्रेस वार्ता में मौजूद रहे।
