आदिवासी संगठनों के आह्वान पर बंद का व्यापक असर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Highlights
- पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में झारखंड बंद
- खूंटी और सरायकेला-खरसावां में दुकानें, बाजार और यातायात पूरी तरह ठप
- रांची में आंशिक असर, कुछ इलाकों में दुकानें बंद
- एहतियातन कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित
- पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की
- मुख्य साजिशकर्ता और शूटर अब भी फरार
- पूरे राज्य में पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में
विस्तार
रांची :पड़हा राजा और आदिवासी समाज के प्रभावशाली नेता सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आज शनिवार को झारखंड बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आदिवासी संगठनों के संयुक्त आह्वान पर बुलाए गए इस बंद से खूंटी और सरायकेला-खरसावां जिलों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।खूंटी में सुबह से ही दुकानें, बाजार, निजी प्रतिष्ठान और यातायात बंद नजर आए। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि बंद समर्थक विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहकर लोगों से समर्थन की अपील करते दिखे। सरायकेला-खरसावां में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे, जहां सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
रांची का हाल: आंशिक असर, सुरक्षा कड़ी
राजधानी रांची में बंद का आंशिक असर देखने को मिला। कई इलाकों में दुकानें और बाजार बंद रहे, जबकि कुछ स्थानों पर सामान्य गतिविधियां सीमित रूप से चलती रहीं। एहतियातन प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
रांची, खूंटी समेत कुछ जिलों में स्कूलों को एहतियातन बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रांची का हाल: आंशिक असर, सुरक्षा कड़ी
पुलिस प्रशासन बंद को लेकर पूरी तरह सतर्क है। सभी जिलों में अतिरिक्त बल की तैनाती, फ्लैग मार्च और पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 7 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
हालांकि, पुलिस के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता, शूटर और जमीन माफिया अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
आदिवासी संगठनों का आरोप
आदिवासी संगठनों का कहना है कि-“सोमा मुंडा की हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि जमीन, जंगल और जल की रक्षा के लिए उठने वाली आवाज को दबाने की साजिश है।”
संगठनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषियों को कड़ी सजा देने की
