भाकपा (माले) ने मनाया बलिदान दिवस, हजारों कार्यकर्ता जुटे — पूरा क्षेत्र “लाल सलाम” और “महेन्द्र सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा
Highlights
- भाकपा (माले) नेता व पूर्व विधायक महेन्द्र सिंह की 21वीं पुण्यतिथि मनाई गई
- राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, कई पूर्व विधायक और बड़े नेताओं की उपस्थिति
- खम्भरा, किसान भवन और बगोदर बस स्टैंड स्थित प्रतिमाओं पर माल्यार्पण
- संकल्प सभा आयोजित—जनसंघर्ष, न्याय और समानता की लड़ाई जारी रखने का आह्वान
- दीपंकर भट्टाचार्य ने RSS–BJP को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
- 12 फरवरी को भारत बंद को सफल बनाने का संकल्प
विस्तार
गिरिडीह : भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता, किसान–मजदूर आंदोलन के प्रतीक और पूर्व विधायक महेन्द्र सिंह की 21वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के खम्भरा गांव में बड़े पैमाने पर मनाई गई। 16 जनवरी 2005 को माओवादियों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी। तब से हर वर्ष इस दिन को “बलिदान दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
खम्भरा में विशाल श्रद्धांजलि सभा
स्वर्गीय महेन्द्र सिंह की पैतृक भूमि खम्भरा शुक्रवार को लाल झंडों, नारों और जनसमूह से भर गई। भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, निरसा विधायक अपूर्व चटर्जी, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह, राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, उप प्रमुख हरेंद्र सिंह, प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो समेत अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी ने महेन्द्र सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पूरा इलाका गूंज उठा नारेबाजी से
द्धांजलि सभा के दौरान पूरा माहौल जनसंघर्ष के जोशीले नारों से गूंज उठा—
“महेन्द्र सिंह अमर रहें”,
“लाल सलाम”,
“महेन्द्र सिंह तुम जिंदा हो खेतों में–खलिहानों में”।
पार्टी नेताओं ने कहा कि गरीबों, मजदूरों और किसानों की आवाज बुलंद करने वाला महेन्द्र सिंह जैसा जननेता आज के समय में बहुत कम मिलता है। उन्होंने बताया कि महेन्द्र सिंह की संघर्षशील विरासत ही लोगों को प्रेरित करती है और जनसंघर्ष की राह को मजबूत बनाती है।
विभिन्न स्थानों पर प्रतिमा पर श्रद्धांजलि
खम्भरा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद किसान भवन (बगोदर–सरिया रोड) और बगोदर बस पड़ाव स्थित महेन्द्र सिंह की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण किया गया। हर स्थान पर समर्थकों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या उमड़ी, जहां लोगों ने नारे लगाए और उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
संकल्प सभा — संघर्ष की राह पर आगे बढ़ने का प्रण
बगोदर बस स्टैंड परिसर में आयोजित संकल्प सभा में कार्यकर्ताओं ने यह दृढ़ संकल्प लिया कि वे महेन्द्र सिंह के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष को और तेज करेंगे। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और जनहित की लड़ाई को नए जोश के साथ आगे बढ़ाने तथा किसान–मजदूर आंदोलनों को नई ऊर्जा देने का भी संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि महेन्द्र सिंह का विचार आज भी जनआंदोलन की प्रेरणा बना हुआ है और संघर्ष की राह पर दृढ़तापूर्वक चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
RSS–BJP पर दीपंकर भट्टाचार्य का हमला
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने सरकार और सत्ता पक्ष पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “RSS और BJP से देश की आज़ादी और लोकतंत्र को खतरा है। जनता के अधिकारों पर लगातार हमला हो रहा है। इसके खिलाफ संगठित संघर्ष तेज किया जाएगा।” दीपंकर भट्टाचार्य के अनुसार जनता की आवाज़ दबाने की कोशिशें बढ़ रही हैं और ऐसे समय में विपक्षी एकता तथा जनआंदोलन ही लोकतंत्र को मजबूत रखने का मार्ग है।
12 फरवरी भारत बंद का आह्वान
राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने घोषणा की है कि 12 फरवरी को भारत बंद आयोजित किया जाएगा। बंद को सफल बनाने के लिए पूरे राज्य में तैयारियाँ तेज हो गई हैं और कार्यकर्ता व्यापक अभियान में जुट गए हैं। नगर के माले नेता राजेश सिन्हा ने भी बंद के समर्थन का ऐलान करते हुए आंदोलन को मजबूती देने की बात कही है।

