Saturday, February 14, 2026
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रांची में सम्मान समारोह: अंश–अंशिका को ढूंढने वाले पांच युवकों को आजसू पार्टी ने किया सम्मानित

समाज के नायक बने युवकों ने पुलिस से पहले मिलाया बच्चों का सुराग, आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने कहा—”इनका साहस मिसाल है”

Highlights

  • धुर्वा के मौसीबाड़ी से लापता बच्चों को खोजने में बजरंग दल के पांच युवकों की अहम भूमिका
  • आजसू पार्टी ने रांची केंद्रीय कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया
  • सुदेश महतो ने युवकों के साहस और नेतृत्व की सराहना
  • युवकों ने मीडिया के सामने बताया पूरा घटनाक्रम
  • पुलिस द्वारा उनके योगदान को नहीं मानने पर युवकों की नाराज़गी भी सामने आई

विस्तार 

रांची के धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी से लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी में अहम भूमिका निभाने वाले बजरंग दल के पांच युवकों—डब्लू, सनी, सचिन, सुनील और अंशु को आज शनिवार को आजसू पार्टी की ओर से विशेष सम्मान दिया गया। यह सम्मान समारोह केंद्रीय कार्यालय हरमू में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने की।

सुदेश कुमार महतो का बयान

सम्मान समारोह में बोलते हुए सुदेश महतो ने युवाओं की दिल खोलकर सराहना की। उन्होंने कहा “इन युवकों ने जो किया है, वह अद्भुत और प्रेरणादायक है। पुलिस प्रशासन की तरह इन्होंने भी अपनी समझदारी और साहस से बच्चों को सटीक तरीके से ढूंढ निकाला। आज ये युवक समाज के नायक हैं और इनके इस कदम से अपराध पर भी अंकुश लगा है।
इनकी बहादुरी आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बनेगी।” सुदेश महतो ने कहा कि समाज में ऐसे युवाओं की जरूरत है जो मुश्किल परिस्थिति में आगे आएं और मानवता का परिचय दें।

सम्मानित हुए युवक—क्यों बने मिसाल?

लापता अंश और अंशिका की तलाश में पाँचों युवकों ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर लगातार खोजबीन की, संदिग्ध इलाकों में अपनी टीम के साथ जाकर जांच की और कई अहम सुराग जुटाए। इन युवकों ने पुलिस को सही दिशा में गाइड करते हुए खोज अभियान को सफल बनाने में अहम योगदान दिया। उनकी सक्रियता और समर्पण इस पूरे ऑपरेशन की सफलता का बड़ा कारण बनी।

“खुश भी हैं, लेकिन पुलिस ने अहमियत नहीं दी”—युवक

सम्मानित युवक मीडिया से बात करते समय मिश्रित भावना के साथ दिखे। वे खुश थे कि समाज ने उन्हें नायक माना, पर दुख भी ज़ाहिर किया। “हमने 13 दिन तक लगातार खोजबीन की। कई ऐसे सुराग मिले जिन्हें हमने पुलिस को दिया।
लेकिन हमें दुख है कि पुलिस प्रशासन ने हमारे काम को तवज्जो नहीं दी। फिर भी हमें खुशी है कि दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए। यही हमारी जीत है।”

समारोह में मौजूदगी और माहौल

समारोह में बड़ी संख्या में—

  • स्थानीय लोग
  • छात्र एवं युवा
  • सामाजिक संगठन
  • आजसू पार्टी के पदाधिकारी
    उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों में युवकों के लिए तालियों की गूंज लगातार सुनाई देती रही। यह सम्मान समारोह पूरी तरह संवेदनात्मक और प्रेरणादायक रहा। 

अंश और अंशिका की बरामदगी पूरे राज्य के लिए राहत की खबर थी। इसमें योगदान देने वाले यह पाँच युवक सच में “समाज के असली हीरो” बनकर उभरे हैं। आजसू पार्टी द्वारा किया गया यह सम्मान न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाता है, बल्कि समाज में नागरिक जिम्मेदारी का मजबूत उदाहरण भी पेश करता है।

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