सुप्रीम कोर्ट द्वारा ममता बनर्जी और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी — बिहार BJP बोली: “बंगाल में अराजकता, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त”
Highlights :
- सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल CM ममता बनर्जी और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया
- बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी का कड़ा बयान
- कहा — “सुप्रीम कोर्ट ने अराजकता की स्थिति का इशारा किया है”
- “IPAC मामले में मुख्यमंत्री खुद फाइल लेकर हस्तक्षेप करती हैं — यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन”
- BJP बोली — बंगाल की पुलिस और प्रशासन पूरी तरह राजनीतिक दबाव में
विस्तार
पटना(PATNA)- सुप्रीम कोर्ट द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।संजय सरावगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की यह कार्रवाई बंगाल की कानून-व्यवस्था की “असल तस्वीर” सामने लाती है।
“सुप्रीम कोर्ट ने अराजकता का संकेत दिया” — संजय सरावगी
उन्होंने कहा:“ममता बनर्जी सरकार की सच्चाई सुप्रीम कोर्ट ने उजागर की है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि अराजकता फैल जाएगी… इसका मतलब है कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी भयावह है।” संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि बंगाल में प्रशासन पूरी तरह राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा: “IPAC की जांच में मुख्यमंत्री खुद पहुँचकर फाइल ले जाती हैं, हस्तक्षेप करती हैं। यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और नियमों की खुली अवहेलना है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बताती है कि राज्य में बिना नियम-कानून के शासन चल रहा है।”
BJP का आरोप: प्रशासन पूरी तरह CM के नियंत्रण में
सरावगी ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की स्वतंत्रता खत्म हो चुकी है और बंगाल में विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई को “लोकतंत्र के लिए राहत” बताया।
