मानवता और सेवा की मिसाल–चतरा में धूमधाम से मनाई गई दशरथ मांझी जयंती
Highlights
- चतरा के रेड क्रॉस सोसाइटी भवन परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित
- माउंटेन मैन दशरथ मांझी की जयंती पर हुआ कार्यक्रम
- कुल 17 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से किया रक्तदान
- अखिल भारतीय भुइयां समाज कल्याण समिति ने किया नेतृत्व
- स्वास्थ्यकर्मियों, समाजसेवियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
चतरा : बिहार के प्रसिद्ध माउंटेन मैन दशरथ मांझी की जयंती के अवसर पर चतरा में एक प्रेरणादायी और मानवता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, चतरा भवन परिसर में इस अवसर पर निःशुल्क रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें 17 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया।
इस रक्तदान शिविर का नेतृत्व अखिल भारतीय भुइयां समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश भारती ने किया। कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव धर्मेंद्र पाठक, कोषाध्यक्ष गोपाल वर्मा, एमपीडब्ल्यू रत्नेश कुमार, निर्भय कुमार, जीएनएम मधुलता कुमारी, सुप्रिया कुमारी, एएनएम जयंती भेलेन तिर्की, लैब टेक्नीशियन देवानंद कुमार, विजय कुमार, सुमन कुमारी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और समाजसेवी उपस्थित थे।
दशरथ मांझी – संघर्ष, संकल्प और प्रेरणा का प्रतीक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने दशरथ मांझी के संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए कहा कि—
“दशरथ मांझी दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के प्रतीक थे।
उन्होंने अकेले दम पर पहाड़ काटकर रास्ता बनाकर यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है।”
वक्ताओं ने युवाओं से समाज सेवा और मानव कल्याण में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि रक्तदान जैसे कार्यक्रम मांझी के विचारों और सपनों को सच्ची श्रद्धांजलि हैं।
कार्यक्रम की विशेषता
रक्तदान शिविर में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्त संग्रह और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था संभाली। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज में सेवा, एकता और मानवता का संदेश फैलता है।
