Highlights:
- सुगनु ग्राउंड, दीपटोली कैंट में पूर्व सैनिक दिवस का भव्य आयोजन
- इस वर्ष की थीम — “सदेव सेवा में, सदैव हमारे हृदय में”
- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
- पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों को सम्मान
- लेफ्टिनेंट जनरल वाई.एस. अहलावत और मेजर जनरल सज्जन सिंह मान की प्रमुख मौजूदगी
- केंद्र सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं का उल्लेख
- झारखंड में पूर्व सैनिकों को 4–5% आरक्षण देने की मांग
- सैप जवानों को हटाने के निर्णय पर चिंता जताई
पूर्व सैनिक दिवस पर रांची में सैन्य गौरव का भव्य समागम ब्रह्मास्त्र कोर, पूर्वी कमान के अधीन कांकरेल डिवीजन द्वारा 14 जनवरी को सुगनु ग्राउंड, दीपा टोली छावनी में दसवां सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस अत्यंत गरिमा के साथ आयोजित किया गया।
इस वर्ष की थीम —
“सदेव सेवा में, सदैव हमारे हृदय में” –पूर्व सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को समर्पित थी।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियाँ, शहीद जवानों के परिजन एवं सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे मुख्य अतिथि
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मानित किया और उनके योगदान को नमन करते हुए कहा—
“देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों को भारत सदा सलाम करता है। उनकी वीरता हमारी राष्ट्रीय अस्मिता की शक्ति है।”
सैन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें—
- लेफ्टिनेंट जनरल वाई.एस. अहलावत
(अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल, GOC – 17 कोर) - मेजर जनरल सज्जन सिंह मान
(GOC – 23 इन्फैंट्री डिवीजन)
इन अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों से संवाद किया और सेना व पूर्व सैनिकों के अटूट संबंध को रेखांकित किया।
“SPARSH से पारदर्शिता बढ़ी”-संजय सेठ
मीडिया से बातचीत में रक्षा राज्य मंत्री ने कहा—
पहले पूर्व सैनिक पेंशन के लिए भटकते थे अब SPARSH पोर्टल के माध्यम से पेंशन पारदर्शिता से सीधे बैंक खाते में मिल रही है केंद्र सरकार पूर्व सैनिकों को सर्वोच्च सुविधाएँ देने के लिए समर्पित है
झारखंड में 4–5% आरक्षण की मांग मंत्री ने कहा—
“कई राज्यों में पूर्व सैनिकों को 4–5% आरक्षण मिलता है, इसे झारखंड में भी लागू किया जाना चाहिए। इससे पूर्व सैनिकों का मनोबल बहुत बढ़ेगा।”
उन्होंने सैप (SAP) से हटाए जा रहे करीब 1000 पूर्व जवानों पर चिंता जताते हुए कहा कि वे इस विषय पर न्यायालय से भी आग्रह करेंगे।
सम्मान और संवाद का महाआयोजन
कार्यक्रम के बाद संजय सेठ ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएँ सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।कार्यक्रम ने सेवारत सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बीच अटूट संबंध को और सुदृढ़ किया।
