Saturday, February 14, 2026
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तेज प्रताप के दही–चूड़ा भोज में पहुंचे लालू यादव; सवालों के बीच पिता–पुत्र की दूरी घटी?

Highlights:

  • जनशक्ति जनता दल सुप्रीमो तेज प्रताप यादव के आवास पर दही–चूड़ा भोज की धूम
  • राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भोज में हुए शामिल
  • लालू यादव बोले — “मकर संक्रांति सौहार्द का पर्व है”
  • तेज प्रताप द्वारा मंगलवार को दिया गया था निमंत्रण
  • परिवारिक दूरी के बाद पहली बार एक साथ दिखे पिता–पुत्र

तेज प्रताप के भोज की शुरुआत, राजनीतिक हलचल तेज

जनशक्ति जनता दल सुप्रीमो तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर मंगलवार सुबह पारंपरिक दही–चूड़ा भोज की शुरुआत हुई। भोज के लिए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक एवं विभिन्न राजनीतिक हस्तियाँ पहुंचीं। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह सामाजिक-सांस्कृतिक रंग में रंगा हुआ दिखा।

लालू यादव की एंट्री—बहुत बड़ा संदेश?

तेज प्रताप द्वारा आमंत्रण दिए जाने के बाद यह बड़ा सवाल था कि क्या लालू यादव अपने बेटे के दही–चूड़ा भोज में शामिल होंगे, जिसे पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया गया है? लेकिन आज यह सवाल खत्म हो गया, जब लालू प्रसाद यादव खुद तेज प्रताप के आवास पहुंचे। 

लालू यादव ने कहा “मकर संक्रांति सौहार्द का त्योहार है, इसमें सभी को आना चाहिए।” साथ ही उन्होंने तेज प्रताप को शुभकामनाएँ भी दीं। उनकी उपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में कई नए संकेत छोड़ दिए।

परिवारिक राजनीति में नई तस्वीर?

तेज प्रताप यादव ने सोमवार को राबड़ी आवास जाकर अपने पिता लालू यादव, मां राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव को भोज का न्योता दिया था। इसी के बाद राजनीति में यह चर्चा शुरू हुई थी कि—क्या पारिवारिक दरार मिटने वाली है? आज लालू यादव की मौजूदगी ने संकेत दिया कि परिवार के भीतर कई चीजें सकारात्मक दिशा में बढ़ रही हैं।

भोज में उमड़ा समर्थकों का हुजूम

तेज प्रताप के दही–चूड़ा भोज में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में नेताओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। भोज में पारंपरिक व्यंजन—दही, चूड़ा, तिलकुट और seasonal delicacies—भी परोसे गए। लालू यादव का तेज प्रताप के दही–चूड़ा भोज में पहुंचना सिर्फ एक पारंपरिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजनीतिक और पारिवारिक समीकरणों में बदलाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह मेल–मिलाप आने वाले समय में किस नई राजनीतिक तस्वीर को जन्म देता है।

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