अन्वेषा सहित 15 उपग्रहों की लॉन्चिंग, लेकिन प्रक्षेपण के बाद वाहन में आई गड़बड़ी
Highlights
- इसरो ने PSLV-C62 रॉकेट से अन्वेषा सहित 15 उपग्रह लॉन्च किए
- लॉन्च के तुरंत बाद तकनीकी समस्या, व्हीकल मार्ग से भटका
- इसरो चेयरमैन ने कहा—मामला गंभीर, तकनीकी टीम जांच में जुटी
- अन्वेषा उपग्रह भारत की निगरानी क्षमता बढ़ाएगा
- हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर से दुश्मन की हलचल तक मॉनिटरिंग संभव
- PSLV रॉकेट की यह 64वीं उड़ान
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने पुष्टि की है कि लॉन्च के बाद PSLV-C62 रॉकेट तकनीकी गड़बड़ी के कारण अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया है। इसरो चीफ के मुताबिक, विशेषज्ञों की टीम तुरंत जांच में जुट गई है और सभी सिस्टम की विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी गई है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शनिवार को 260 टन वजनी PSLV-C62 रॉकेट के जरिए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अन्वेषा समेत 14 अन्य सैटेलाइट लॉन्च किए। यह इस साल का पहला मिशन था, जिसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।
लॉन्च के कुछ समय बाद रॉकेट में तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई। ISRO ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि वाहन अपने निर्धारित मार्ग से डिविएट हो गया है। इसरो चीफ ने कहा कि टीम स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है और समस्या का कारण जानने के लिए व्यापक तकनीकी समीक्षा की जा रही है।
अन्वेषा—देश की निगरानी क्षमता बढ़ाने वाला उपग्रह
अन्वेषा उपग्रह को भारत का “आकाशीय CCTV” कहा जा रहा है। यह पृथ्वी की कक्षा में घूमते हुए—
- उच्च गुणवत्ता की तस्वीरें लेगा
- दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखेगा
- सीमाई इलाकों की गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा
इसमें लगे हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर साधारण कैमरों से अधिक उन्नत हैं। इस उपग्रह को DRDO ने विकसित किया है।
PSLV-DL वेरिएंट का उपयोग
इस मिशन में दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन मोटर के साथ PSLV-DL वेरिएंट का उपयोग किया गया। यह मिशन PSLV रॉकेट की 64वीं उड़ान है, जो अब तक अपनी विश्वसनीयता के लिए प्रसिद्ध रहा है।
