मनरेगा नाम परिवर्तन के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन, चतरा में आयोजित उपवास–धरना
Highlights
- चतरा पोस्ट ऑफिस परिसर में कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास–धरना
- कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रदेव गोप और एडवोकेट आभा ओझा ने किया नेतृत्व
- मनरेगा का नाम बदलने को गरीबों और गांधी के विचारों पर ‘सीधा हमला’ बताया
- बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी
- “गांधी का अपमान बंद करो”, “मनरेगा से छेड़छाड़ नहीं चलेगी” के नारों से गूंजा परिसर
चतरा : मनरेगा योजना का नाम बदलने के प्रस्ताव के खिलाफ चतरा में कांग्रेस का आक्रोश सड़कों पर दिखा।
रविवार को पोस्ट ऑफिस परिसर स्थित संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समीप, कांग्रेस पार्टी ने एक दिवसीय उपवास सह धरना आयोजित किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रदेव गोप और कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख नेत्री एडवोकेट आभा ओझा ने संयुक्त रूप से किया।
सुबह से जुटने लगे कार्यकर्ता–धर्मस्थल जैसा माहौल
धरना स्थल पर सुबह से ही—
- कांग्रेस कार्यकर्ता
- सामाजिक प्रतिनिधि
- स्थानीय नागरिक
- महिला समूह
- युवा संगठन
लगातार पहुंचते रहे।बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष आयोजित यह प्रदर्शन एक संगठित जन–विरोध का रूप लेता गया।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
धरना को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि-“मनरेगा का नाम बदलना सिर्फ सरकारी निर्णय नहीं, बल्कि गरीबों और श्रमिकों की आशाओं पर प्रहार है।”
कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि:
- मनरेगा गांधीजी की सोच और श्रम आधारित ग्रामीण विकास का प्रतीक है
- करोड़ों गरीब परिवारों की जीवनरेखा को कमजोर करने का यह प्रयास अस्वीकार्य है
- नाम बदलकर सरकार इतिहास, विरासत और जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रही है
चंद्रदेव गोप बोले – यह गरीबों की आवाज दबाने की साजिश
कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रदेव गोप ने कहा:“मनरेगा का नाम बदलना सरकार की उस मानसिकता को दिखाता है, जो गरीबों को कमजोर करना और उनकी आवाज को दबाना चाहती है।कांग्रेस इस निर्णय को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।”
महिला नेत्री आभा ओझा का तीखा बयान
कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ की नेत्री एडवोकेट आभा ओझा ने कहा:“सरकार महिलाओं, मजदूरों और किसानों से जुड़ी योजनाओं पर हमला कर रही है।यह संवेदनहीनता का चरम है।मनरेगा से छेड़छाड़ श्रमिकों की पीड़ा को बढ़ाने वाला कदम है।”
धरना में गूंजे नारे- जनता का गुस्सा साफ दिखा पूरे परिसर में लगातार ये नारे गूंजते रहे
“गांधी का अपमान बंद करो!”
“मनरेगा से छेड़छाड़ नहीं चलेगी!”
“गरीब–मजदूर के हक पर हमला बंद करो!”
नारों से पूरा पोस्ट ऑफिस परिसर संघर्ष के माहौल में बदल गया।
चतरा में कांग्रेस का यह उपवास–धरना साफ संदेश देता है कि मनरेगा नाम परिवर्तन के मुद्दे पर ग्रामीण जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह आंदोलित हैं।कांग्रेस ने घोषणा की है कि यदि सरकार यह निर्णय वापस नहीं लेती, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा सड़क से लेकर सदन तक।
