धारा-163 के तहत जिला प्रशासन का आदेश, शीतलहरी को लेकर येलो अलर्ट जारी
Highlights
- रांची में भारी ठंड और शीतलहरी को लेकर प्रशासन सतर्क
- भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
- 5 और 6 जनवरी 2026 को KG से 12वीं तक कक्षाएं स्थगित
- सरकारी, गैर-सरकारी और निजी सभी स्कूलों पर लागू आदेश
- परीक्षा आयोजित करने का निर्णय विद्यालय प्रबंधन पर छोड़ा गया
- 10वीं और 12वीं की कक्षाओं को लेकर विद्यालयों को छूट
- सरकारी स्कूल पहले से 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश पर
- 6 जनवरी को शिक्षक विद्यालय में रहेंगे उपस्थित
विस्तार
भारी ठंड और शीतलहरी को लेकर अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग, रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन में झारखंड में अगले आदेश तक भारी ठंड और शीतलहरी की चेतावनी दी गई है। इस चेतावनी के तहत रांची जिले को येलो जोन में चिन्हित किया गया है, जहां अत्यधिक ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है।
धारा-163 के तहत प्रशासनिक आदेश
मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत रांची जिले में संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में KG से कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई 5 जनवरी 2026 से 6 जनवरी 2026 तक स्थगित करने का आदेश जारी किया है।
विद्यालय प्रबंधन को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी विद्यालय प्रबंधन इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।
परीक्षाओं को लेकर विद्यालयों को छूट
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उक्त अवधि में किसी विद्यालय में परीक्षा निर्धारित है, तो विद्यालय प्रबंधन अपने विवेकानुसार परीक्षा का संचालन कर सकते हैं।
10वीं और 12वीं कक्षाओं पर विशेष प्रावधान
कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को लेकर विद्यालयों को विशेष छूट दी गई है। इन कक्षाओं का संचालन विद्यालय अपने विवेकानुसार कर सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित न हो।
सरकारी स्कूलों की स्थिति
गौरतलब है कि सरकारी विद्यालय पहले से ही शीतकालीन अवकाश के कारण 5 जनवरी तक बंद हैं।
6 जनवरी 2026 को सरकारी विद्यालय शिक्षकों के लिए खुले रहेंगे, जहां शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होकर eVV एप पर उपस्थिति दर्ज करेंगे और गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करेंगे।
बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और वर्तमान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ठंड और कोहरे के इस दौर में बच्चों को अनावश्यक जोखिम से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
