उसरी नदी पुल के पास बैठकर UPI के जरिए कर रहे थे ऑनलाइन ठगी, पुलिस ने किया पर्दाफाश
हाइलाइट्स
- प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिली गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
- उसरी नदी पुल के पास झाड़ियों में बैठकर कर रहे थे ऑनलाइन ठगी
- दो आरोपी गिरफ्तार, फोनपे–गूगल पे यूजर्स को बनाते थे निशाना
- मोबाइल, सिम कार्ड और बाइक बरामद
- ‘Lotus Ne’ गेमिंग ऐप से ट्रांसफर करते थे ठगी की रकम
गिरिडीह पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसरी नदी पुल के पास झाड़ियों में बैठकर ऑनलाइन ठगी कर रहे दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
मिली सूचना के अनुसार, ताराटाड़ जाने वाली मुख्य सड़क पर उसरी नदी पुल के समीप कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए लोगों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) आबिद खाँ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी दल ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित कुमार शर्मा (19 वर्ष) और रंजीत कुमार यादव (26 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी जमुआ थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फोनपे और गूगल पे जैसे ऑनलाइन भुगतान ऐप्स पर रैंडम मोबाइल नंबर डालकर सक्रिय UPI खातों की जानकारी निकालते थे। इसके बाद वे उन नंबरों पर कॉल कर खुद को किसी बैंक या कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बताकर लोगों से ठगी करते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से प्राप्त रकम को आरोपी ‘Lotus Ne’ नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से अपने खातों में ट्रांसफर करते थे, ताकि रकम का ट्रेस न हो सके।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या 41/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। गिरिडीह पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या मैसेज पर अपनी बैंक या UPI से जुड़ी जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
