Highlights:
- रद्द उड़ानों पर तुरंत रिफंड का आदेश
- टिकट किराया सीमा तय — मनमानी रोक
- 48 घंटे में यात्रियों का सामान घर पहुंचाने का निर्देश
- किराया बढ़ाने वाली एयरलाइंस पर कार्रवाई की चेतावनी
विस्तार:
इंडिगो फ्लाइटों के बड़े पैमाने पर रद्द होने से देशभर में हजारों यात्री फंसे रहे। बढ़ते हंगामे के बीच केंद्र सरकार अब कड़ाई के मूड में दिख रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आदेश जारी किया है कि—
रद्द उड़ानों का रिफंड रविवार शाम तक हर हालत में पूरा किया जाए।
सरकार ने इंडिगो से कहा है कि प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों को पैसा लौटाने में देरी नहीं चलेगी और कोई भी मामला अटका तो नियामकीय कार्रवाई होगी।

यात्रियों का सामान 48 घंटों में पहुंचाने का निर्देश
मंत्रालय ने एयरलाइन को आदेश दिया- यात्रियों का छूटा हुआ सामान दो दिनों के भीतर उनके घर पहुंचाया जाए। इसके साथ ही ये भी कहा गया कि यात्रा प्रभावित होने पर री-शेड्यूलिंग का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
हवाई किराए पर सरकार की कड़ी नजर
इंडिगो संकट के बाद दूसरे एयरलाइंस के टिकट दाम आसमान छूने लगे थे। इसे रोकने के लिए मंत्रालय ने सख्त किराया सीमा लागू की:
500 किमी तक — ₹7,500
500–1000 किमी — ₹12,000
1000–1500 किमी — ₹15,000
1500 किमी से अधिक — ₹18,000
सरकार ने साफ किया-इन सीमाओं से ऊपर किराया वसूलने पर कार्रवाई होगी।
