धनबाद में कोयला माफियाओं को पुलिस प्रशासन का संरक्षण? बाबूलाल मरांडी का बड़ा दावा
Highlights:
- बाबूलाल मरांडी का आरोप—धनबाद में पुलिस की देखरेख में चल रहा अवैध कोयला कारोबार
- माफियाओं को पहले देना पड़ता था कमीशन, अब मिल रहा है पूरा संरक्षण
- पुलिस पदाधिकारियों से लेकर थानों तक पर गंभीर सवाल
- राज्य सरकार को जांच का अल्टीमेटम, नहीं हुई कार्रवाई तो सरकार भी दोषी: मरांडी
- थानों की “बोली” लगने का दावा—पोस्टिंग में धांधली के आरोप
विस्तार:
रांची- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। रांची स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि धनबाद में कोयला माफियाओं को पुलिस प्रशासन का खुला संरक्षण प्राप्त है, और अवैध व्यापार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
पुलिस संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार
मरांडी ने कहा कि पहले माफिया अवैध काम के लिए पुलिस को कमीशन दिया करते थे, लेकिन अब स्थिति इससे आगे बढ़ चुकी है— “अब अवैध कारोबार सीधे पुलिस के वरीय पदाधिकारियों से लेकर कनीय अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है।” उन्होंने दावा किया कि कोयले के अवैध परिवहन की गतिविधियां बिना पुलिस अनुमति और संरक्षण के संभव ही नहीं हैं।
राज्य सरकार पर सीधे निशाने
उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराती, तो यह मान लेना चाहिए कि इस अवैध कारोबार में सरकार की भी मिलीभगत है। मरांडी ने कहा— “धनबाद में पुलिस थानों की बोली लगती है। बोली के हिसाब से थानेदार की पोस्टिंग होती है। यह गंभीर मामला है और इसकी जांच होना जरूरी है।”
जनता और विपक्ष की जिम्मेदारी
मरांडी ने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को जनता के सामने लाएगी और अवैध कोयला माफिया-प्रशासन गठजोड़ को उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के संसाधनों की लूट को रोकना विपक्ष का धर्म है और पार्टी इस दिशा में गंभीर है।
