सिनेमा के सबसे चमकते सितारों में से एक धर्मेंद्र ने ली अंतिम सांस, विले पार्ले में हुआ अंतिम संस्कार—फिल्म जगत और देश में शोक की लहर
Highlights:
- 89 वर्ष की उम्र में धर्मेंद्र का निधन
- विले पार्ले श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार
- अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार सहित अनेक सितारे मौजूद
- 300 से अधिक फिल्मों में काम, ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘धरम वीर’ जैसी सुपरहिट फिल्में
- हाल ही में ‘इक्कीस’ फिल्म का मोशन पोस्टर रिलीज
- राजनीति का सफर सफल नहीं रहा, बीकानेर से रहे सांसद
- लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे
विस्तार
धर्मेंद्र का 89 वर्ष में निधन—फिल्म जगत में शोक की लहर
बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने 89 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सोमवार, 24 नवंबर को उन्होंने अपने जुहू स्थित देओल बंगले में अंतिम सांस ली। पिछले कई दिनों से वे उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और सांस लेने में तकलीफ की वजह से कुछ दिन पहले मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुए थे। 12 नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था और घर पर ही इलाज जारी था।
उनके निधन की खबर से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार, हेमा मालिनी, ईशा देओल, सनी देओल और बॉबी देओल सहित कई दिग्गज सितारे मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि उन्हें मुखाग्नि उनके बड़े बेटे सनी देओल ने दी।
फिल्मी करियर—सात दशक और 300 से ज्यादा फिल्में
धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के सबसे चमकते सितारों में गिने जाते हैं।
7 दशक से अधिक के फिल्मी सफर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं।
सुपरहिट फिल्में:
- शोले
- चुपके चुपके
- सीता और गीता
- धरम वीर
- शोले का मशहूर डायलॉग — “बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना” आज भी लोगों की जुबान पर है।
89 साल की उम्र में भी धर्मेंद्र फिल्मों में सक्रिय थे। हाल में वह रॉकी और रानी की प्रेम कहानी और तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया में नजर आए थे। उनकी आखिरी फिल्म इक्कीस 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली है।
करण जौहर का संदेश—“एक युग का अंत”
फिल्ममेकर करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर लिखा—
“यह एक युग का अंत है… धर्मेंद्र इंडियन सिनेमा के असली लेजेंड हैं। उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस, उनका आकर्षण और उनका स्टारडम हमेशा इतिहास में दर्ज रहेगा…”
धर्मेंद्र का राजनीतिक सफर—लोकप्रियता से जीत, लेकिन सिस्टम से निराशा
धर्मेंद्र ने राजनीति में भी हाथ आजमाया। 2004 में बीजेपी ने उन्हें राजस्थान के बीकानेर से लोकसभा प्रत्याशी बनाया, जहाँ वे भारी मतों से जीतकर संसद पहुंचे।
बीकानेर में उनका जबरदस्त स्वागत हुआ था—
- सभाएँ सुपरहिट
- फिल्मी डायलॉग की चर्चा
- घर-घर ‘ही-मैन इफेक्ट’
लेकिन दिल्ली की राजनीति ने उन्हें निराश किया।
धर्मेंद्र ने बाद में स्वीकार किया —
“संसद और राजनीति मेरे बस की बात नहीं।”
उन्होंने 2009 के बाद राजनीति को अलविदा कह दिया।
उनके परिवार में भी राजनीति का असर दिखता रहा—
- हेमा मालिनी आज भी राजनीति में सक्रिय
- सनी देओल गुरदासपुर से सांसद रह चुके हैं
एक युग का अंत
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत है।
उनकी अदाकारी, उनका व्यक्तित्व और उनकी विनम्रता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
