ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने के लिए सरकार पहुंच रही है उनके द्वार, मंत्री बोले—“गांवों की तरक्की ही राज्य का भविष्य तय करेगी”
Highlights :
- करहरबारी पंचायत में आयोजित हुआ “आपके अधिकार-आपकी सरकार-आपके द्वार” परिसंपत्ति वितरण शिविर
- मंत्री सुदीव्य कुमार बोले—गरीब, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को केंद्र में रखकर बन रही योजनाएं
- ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रशासन खुद गांवों तक पहुंच रहा
- सेवा का अधिकार सप्ताह के तहत जाति, आवासीय, आय प्रमाणपत्र सहित कई सेवाओं का त्वरित निष्पादन
- सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही
विस्तार
गिरिडीह प्रखंड के करहरबारी पंचायत में आयोजित “आपके अधिकार-आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत परिसंपत्ति वितरण शिविर में झारखंड सरकार के मंत्री सुदीव्य कुमार शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को मजबूत करने के लिए योजनाओं को तेज़ी से धरातल पर उतार रही है। गरीब, जरूरतमंद, आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़े, अल्पसंख्यक, महिलाएं और नौजवान—समाज के हर तबके को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीणों की दिशा और दशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
“सरकार आपके द्वार”—अब गांवों में ही मिलेंगी सुविधाएं
मंत्री ने बताया कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच कठिन है।
लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड या जिला जाना पड़ता है, जहां कई बार कार्य न होने से वे योजनाओं से दूर हो जाते हैं।
इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने “आपके अधिकार-आपकी सरकार-आपके द्वार” कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत:
- अधिकारी सीधे गांव पहुंच रहे हैं
- योजनाओं की जानकारी दी जा रही है
- योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है
सेवा का अधिकार सप्ताह—प्रमाणपत्र अब जल्दी बनेंगे
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि “सेवा का अधिकार सप्ताह” के दौरान गांवों में ही कई जरूरी सेवाओं का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है:
- जाति प्रमाण पत्र
- आवासीय प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र
- नया राशन कार्ड
- दाखिल-खारिज
- भूमि की मापी
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति
इस पहल से लोगों को राहत मिल रही है और प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज हो रही हैं।
किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी पहल
मंत्री सुदीव्य कुमार ने कहा कि ग्रामीणों की सबसे बड़ी पूंजी खेत-खलिहान और पशुधन ही होते हैं।
इसीलिए सरकार:
- किसानों की आय बढ़ाने
- पशुपालकों को आर्थिक मजबूती देने
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने
के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के विकास से ही राज्य मजबूत होगा।
कार्यक्रम में शामिल अधिकारी और जनप्रतिनिधि
शिविर में उप विकास आयुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मुखिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
